अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सहजयोग विशेषज्ञों द्वारा 20 देशों में 20 भाषाओं से ध्यान सत्र किया आयोजित

सत्र में सूर्योदय से सूर्यास्त तक जापान से ब्राजील तक कुंडलिनी जागृति कर किया आत्म-साक्षात्कार 


गुना। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर  सहजयोग विशेषज्ञों द्वारा 20 देशों में 20 भाषाओं से  ध्यान सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर सहजयोग राष्ट्रीय ट्रस्ट के उपाध्यक्ष दिनेश राय ने योग के महत्व को समझाते हुए सहज योग की वेबसाइट www.sahajayoga.org.in/yogaday पर व अन्य संचार माध्यमो के द्वारा निशुल्क ध्यान कार्यक्रम के बारे में बताया कि हाल ही में कोविड के प्रकोप ने दुनिया को हिला कर रख दिया। मानव जाति अब यह जानती है कि जब तक हम  जीवन की सच्चाई और उद्देश्य को नहीं जानेंगे उन्हें शांति और प्रतिरक्षा शक्ति नहीं मिल सकती है। जो कि अव्यक्त कुण्डलिनी शक्ति के रूप में हर इंसान के भीतर निहित है। जब तक मनुष्य इस सत्य से नहीं जुड़ता है तब तक जीवन की उपलब्धियाँ बिना सुगंध के प्लास्टिक के फूलों की तरह हैं। जीवन का सत्य और उद्देश्य खोजने की चाह सत्य सिद्ध हुई है ज़ब सामान्य लोगों ने सहजयोग राष्ट्रीय ट्रस्ट द्वारा लॉकडाउन में प्रसारित यूट्यूब चैनल प्रतिष्ठान पूणे पर निःशुल्क ध्यान के माध्यम से प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए 82 से अधिक देशों के 5.5 लाख से अधिक दर्शकों ने 32 लाख घंटे तक 77 लाख व्यूज के साथ सहजयोग ध्यान किया। उल्लेखनीय है कि 5 मई 1970 को परम पुज्य श्री माताजी निर्मला देवी ने सहस्रार नामक अंतिम सूक्ष्म ऊर्जा केंद्र खोलकर लाखों साधकों को आत्मज्ञान की उच्च आध्यात्मिक स्तिथि तक पहुचाया था। आज सहजयोग ध्यान अपने  पचासवें वर्ष में प्रवेश कर गया है एवं  सामाजिक उत्थान का एक जनआन्दोलन बन गया है । साधकों को कुंडलिनी जागरण व आत्म-साक्षात्कार प्राप्त कराने के लिए तथा स्थापित साधकों को ध्यान के लिए प्रतिदिन ऑनलाइन सहज योग ध्यान सत्र आयोजित किए जा रहें हैं। साधको को सहायता देने के लिये नि:शुल्क ध्यान हेल्पलाइन नंबर 1800 30 700 800 कार्यरत है। जिसपर लॉक डाउन अवधि के दौरान प्रतिदिन लगभग 1000 कॉल ध्यान सीखने वालो से प्राप्त हो रहे है। राघौगढ़ (गुना ) सहजयोग परिवार के सदस्य सतीश शर्मा ने बताया कि जब तक लॉक डाउन पूर्ण रूप से नहीं खुल जाता है ओर ज़ब तक ध्यान केंद्र बंद है तब तक ऑनलाइन ध्यान ही सबसे कारगर माध्यम है।

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