24 ता.के बाद रिटर्न भरा तो बीते दिनों की लेट फीस एवं १८ प्रतिशत की दर से लगेगा ब्याज


गुना। संयुक्त आयुक्त, राज्य कर ग्वालियर संभाग-२ यूएस बैस द्वारा माल एवं सेवा कर अधिनियम के अंतर्गत व्यवसाईयों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली मासिक विवरणियां ३बी के संबंध में कार्यालय वाणिज्यिक कर गुना में चर्चा की गयी। श्री बैस द्वारा जानकारी दी गयी कि वर्तमान में ३बी फाईलिंग की स्थिति में मप्र का स्थान संतोषप्रद नहीं है। वर्तमान में अप्रैल २० की स्थिति में मप्र में कुल पंजीयत व्यवसाई ३५१०९८ है। जिसमें ८६४५२ द्वारा ३बी फाईल की गयी है। जो कि २४.६२ प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि ५ करोड और इससे अधिक के सलाना टर्नओवर वाले कारोवारियों को जीएसटी काउसिंल ने लेट फीस भरने के लिये २४ जून तक की राहत दी थी।  लेकिन यदि इसके बाद कारोबारी रिटर्न भरता है तो विगत सारी पेनल्टी उस पर देय होगी। प्रत्येक कारोबारी को जीएसटी ३बी का रिटर्न अगले माह की २० तारीख तक भरना जरूरी होता है। जैसे फरवरी माह का रिटर्न २० मार्च तक भरना था।  लेकिन लॉक डाउन के चलते सरकार ने फरवरी, मार्च, अप्रेल के रिटर्न व टैक्स जमा करने के लिये २४ जून तक का समय दे दिया था।
उन्होंने बताया कि फरवरी माह का रिटर्न जिसे २० मार्च तक भरना था लेकिन यदि वह २४ जून तक नही भरा जाता है तो २१ मार्च से २४  जून तक के दिनों की लेट फीस प्रतिदिन ५० के हिसाब से ४७५० रूपये लगेगी। इसी तरह मार्च के कारोबारियों के लिये ३३५० रूपये और अप्रेल की २३०० रूपये हो जायेगी। इसी के साथ उन्हें मूल दिनांक से २५ जून तक ९ प्रतिशत की जगह १८ प्रतिशत की दर से ब्याज जमा करना होगा।  इस अवसर पर गुना कर सलाहकार संघ के सदस्य, वरिष्ठ अधिवक्ता अमित सोगानी, राकेश तिवारी, शंभूनाथ तिवारी, महेन्द्र जैन, आनन्द मडवरिया सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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