29 को भड़ली नवमी पर है अबूझ मुहूर्त, 1 जुलाई से श्रीहरि जाएंगे योग निद्रा में


ज्योतिषियों के अनुसार अबूझ मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य करें 

गुना । 29 जून को भड़ली नवमी होने से विवाह और मांगलिक कार्यों के लिए अबूझ मुहूर्त है। इस दौरान किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग शोधन की आवश्यकता नहीं होती है। जबकि 1 जुलाई से देवशयनी एकादशी से 25 नवंबर तक भगवान श्रीहरि विष्णु योग निद्रा में जाएंगे, जिसके चलते सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी।वहीं इस बार 4 माह 25 दिन अर्थात लगभग 5 माह का चातुर्मास रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पं. लखन शास्त्री  के अनुसार इस बार चातुर्मास चार की जगह 4 माह 25 दिन माह का रहेगा। क्योंकि 18 सितंबर से 16 अक्टूबर तक अश्विनी (क्वार) के माह में अधिक मास होने से चातुर्मास के दिनों में वृद्घि हो रही है।

भगवान शिव संभालेंगे प्रकृति का भार

1 जुलाई से भगवान श्रीहरि विष्णु क्षीर सागर में विश्राम करने चले जाएंगे। इस दौरान प्रकृति का भार भगवान शिव पर आ जाता है। 1 जुलाई से लेकर 25 नवंबर तक भगवान शिव ही प्रकृति का कार्यभार संभालेंगे। इस दौरान सभी प्रकार के मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं इस दौरान सिर्फ पूजा पाठ आदि के कार्य ही किए जाते हैं। साथ ही सुपाच्य भोजन किया जाता है।

चातुर्मास में ध्यान, दान, साधना का होता है सबसे अधिक महत्व

चतुर्मास मूल रूप से साधना का पर्व है एक स्थान पर रहकर ही हमे साधना करना चाहिए। सबसे अधिक ब्रत त्यौहार भी इसी समय होते हैं। चातुर्मास के दौरान किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य नहीं होते हैं, लेकिन इस दौरान किया गया दान, पुण्य, तप, यज्ञ, भागवत आदि का बहुत अधिक महत्व होता है। साल में सर्वाधिक यज्ञ, हवन, भागवत अधिक मास के दौरान ही होती हैं। इस दौरान मौसम भी अनुकूल होता है साथ ही सभी ओर वातावरण भी मनोरम रहता है।

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