पुलिस टीम पर हमला, डीएसपी और सब इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिसकर्मी शहीद, 6 जवान घायल

मुठभेड़ के दौरान सीओ और बिठूर थाने के प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों को गोली लगी 


कानपुर / उत्तर प्रदेश में कानपुर के बिठूर में बदमाशों ने दबिश देने गई पुलिस पार्टी  पर बदमाशों नें फायरिंग कर दी जिसमें सीओ और एसओ समेत 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। घटना शिवली थाना क्षेत्र के विकरू गांव की है, जहां देर रात पुलिस दबिश देने गई थी। फायरिंग में मरने वालों में सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा और एसओ शिवराजपुर महेश यादव भी शामिल हैं। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार विकास दुबे और उसके साथियों द्वारा की गईं फायरिंग में एसओ बिठूर, एक दरोगा समेत कई पुलिसकर्मियों को भी गोली लगी। दो सिपाहियों के पेट में गोली लगी जिन्हें गंभीर हालत में रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे बिठूर और चौबेपुर पुलिस ने मिलकर विकास दुबे के गांव बिकरू में उसके घर पर दबिश दी। बिठूर एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विकास और उसके 8-10 साथियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घर के अंदर और छतों से गोलियां चलाई गईं।
कई थानों की पुलिस मौके पर एसओ कौशलेंद्र के एक गोली जांघ और दूसरी हाथ पर लगी। इसके अलावा सिपाही अजय सेंगर, अजय कश्यप, सिपाही शिवमूरत, दरोगा प्रभाकर पांडेय, होमगार्ड जयराम पटेल समेत सात पुलिसकर्मियों को गोलियां लगीं। सेंगर और शिवमूरत के पेट में गोली लगी। दोनों की हालत गंभीर है। सूचना के बाद कई थानों से बल गांव पहुंचा और घायलों को लेकर रीजेंसी अस्पताल लाया गया।
जिस तरीके से हमला हुआ, उससे आशंका है कि बदमाशों को पुलिस की दबिश की भनक मिल गई थी। जिस कारण उन्होंने तैयारी करके पुलिस पर हमला किया। पुलिस के अनुसार  विकास दुबे खूंखार अपराधी है जिस पर 2003 में शिवली थाने में घुसकर तत्कालीन श्रम संविदा बोर्ड के चेयरमैन राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता संतोष शुक्ला की हत्या का आरोप लगा था। बाद में वह इस केस से बरी हो गया था। इसके अलावा विकास पर प्रदेश भर में दो दर्जन से ज्यादा गंभीर केस दर्ज हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों के लिए संवेदना व्यक्त की है सीएम योगी ने बदमाशों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।

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