कलाकार सूरमा भोपाली का निधन, कई नामों से विख्यात रहें एक्टर जगदीप

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मुंबई /बॉलीवुड एक्‍टर जगदीप अब इस दुन‍िया में नहीं रहे हैं। 81 साल की उम्र में बुधवार को उन्‍होंने आखिरी सांस ली। मध्‍यप्रदेश से ताल्‍लुक रखने वाले जगदीप ने लगभग 400 फ‍िल्‍मों में काम किया और पर्दे पर कॉमेडी की म‍िसाल पेश की। पर्दे पर उनके आते ही दर्शकों के चेहरे पर खुद-ब-खुद मुस्‍कान आ जाती थी। वह हंसता-मुस्‍कुराता चेहरा अब हमारे बीच नहीं रहा, लेकिन पर्दे पर उनका हर किरदार हमारे बीच जिंदा रहेगा।
समर्थक उन्‍हें या तो जगदीप के नाम से जानते थे या सूरमा भोपाली के नाम से। हालांक‍ि उनका असली नाम कुछ और था। उनके असली नाम से फैंस अंतिम समय तक बेखबर रहे।
शायद हकीकत यह भी है कि उनके असली नाम से आज तक उन्‍हें किसी ने पुकारा ही नहीं। 29 मार्च 1939 को दतिया में पैदा हुए जगदीप का असली नाम था सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी। उनके पिता का नाम सैयद यावर हुसैन जाफरी था और मां का नाम कनीज़ हैदर था। बॉलीवुड में इन्हें शोले फ़िल्म में प्रसिद्ध हुए किरदार की वजह से सूरमा भोपाली भी कहा जाता था।
जगदीप को दक्षिण मुम्बई के मझगांव इलाके के सिया क्रबिस्तान में सुबह 11 से 12.00 बजे के बीच सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। वो कैंसर और उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे। सोशल मीडिया पर उन्‍हें फैंस, अभिनेता और राजनेता श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उन्‍हें याद कर रहे हैं। फिल्मी दुनिया के लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा कि उनका सूरमा भोपाली अब नहीं रहे।
जगदीप ने एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर साल 1951 में फिल्म 'अफसाना' से फिल्मी दुनिया में कदम रखा और एक कॉमेडियन के तौर पर उन्होंने 'दो बीघा ज़मीन' से डेब्यू किया था। हालांकि 1994 में आई 'अंदाज़ अपना अपना', 1975 में आई 'शोले' और 1972 में आई 'अपना देश' में उनके अभिनय को काफी सराहा गया। सूरमा भोपाली के नाम से मशहूर होने के बाद उन्‍होंने इसी नाम से खुद फ‍िल्‍म भी बनाई थी।

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