बाल मजदूरी कराने वाले संस्थानों पर न्यायालय ने लगाया 39,000 हजार का जुर्माना

बालक/किशोर श्रम अधिनियम के अंतर्गत बाल मजदूरी कराया जाना दण्डनीय अपराध

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गुना। (प्रदेश केसरी) बाल मजदूरी कराने वाले संस्थानों पर न्यायालय ने 39,000 हजार का जुर्माना लगाया है। श्रम पदाधिकारी नरेन्द्र  कुमार वर्मा ने बताया कि जिले मे बाल श्रम उन्मूलन के तहत गठित जिला टास्क फोर्स समिति के सदस्यों द्वारा चलाए गए अभियान मे गुना शहर के संस्थानों में बाल मजदूरी के प्रकरण बनाए गए। दोषी संस्थानों के विरूद्ध प्रकरण मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के न्यायालय मे प्रस्तुत किए गए। न्यायालय द्वारा प्रकरणों में दोषी संस्थानों के नियोजकों हुसैन अली जनता बूट हाउस सदर बाजार गुना के विरूद्ध 10 हजार रुपए, नीरज कुमार जैन रूप श्रृंगार ताटके मार्केट गुना तथा सुनील अग्रवाल उदित स्टील सेंटर ताटके मार्केट गुना के विरूद्ध 12-12 हजार रुपए एवं जय कुमार जैन जय ट्रेडर्स पुरानी गल्ला मंडी गुना के विरूद्ध 5 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।
उन्होंने बताया कि जिले मे बाल मजूदरी उन्मूलन के लिए गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति के श्रम निरीक्षक आर.के.चौदहा द्वारा बाल मजदूर रखने वाले व्यवसायियो के विरूद्ध बालक/किशोर श्रम अधिनियम के तहत प्रकरण बनाये गये। श्रम पदाधिकारी श्री वर्मा ने जानकारी देते हुए कहा है कि बालक/किशोर श्रम अधिनियम के अंतर्गत बाल मजदूरी कराया जाना दण्डनीय अपराध है। अधिनियम में निहित प्रावधाना अनुसार बाल मजदूरी कराये जाने पर जुर्माना जो 50 हजार रूपये तक का हो सकेगा या सजा से जो 02 वर्ष का कारावास हो सकेगा अथवा दोनों से दण्डनीय हो सकेगा।

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