सोयाबीन पर मंडरा रहा चक्रभंग गर्डल बीटल का प्रकोप

बमोरी में खरीफ फसलों का निरीक्षण करने पहुंची टीम


CLICK -  

गुना। (प्रदेश केसरी) उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास अशोक कुमार उपाध्याय द्वारा डायग्नोस्टिक टीम के साथ विकास खण्ड बमोरी के ग्राम धाननखेडी, डेहरा, परांठ क्षेत्रों का भ्रमण किया गया। टीम द्वारा खरीफ फसलों सोयाबीन एवं मक्का आदि फसलों का निरीक्षण कर कृषकों को समसामयिक सलाह दी गई है। उन्होंने सोयाबीन में इस समय चक्रभंग गर्डल बीटल का प्रकोप प्रारम्भ होने की संभावना को देखते हुए नियंत्रण के लिए थाईक्लोपिड 21.7 एस.सी. की 750 मिली मात्रा प्रति हेक्टेयर या प्रोपेनोफास 50 ईसी की 1250 मिली प्रति हेक्टेयर का छिडकाव 500 लीटर पानी के साथ मिलाकर करने की सलाह दी है। सोयाबीन की फसल को 60 दिनों तक खरपतवारों से मुक्त रखने के लिये डोरा, कुलपा या हाथ की निदाई करने की सलाह दी गई। कृषकों को यह भी सलाह दी है कि पत्ती खाने वाले कीटो से संभावित नुकसान हेतु इंडोक्साकार्ब 15.8 ई.सी. की 333 मिली मात्रा प्रति हेक्टेयर का छिडकाव 500 लीटर पानी के साथ मिलाकर करें। उन्होंने मक्का फसल के हानिकारक कीट फॉल आर्मी वर्म (सेनिक कीट) के प्रकोप की संभावना को देखते हुये सलाह दी है कि मक्का की फसल में इस कीट का प्रकोप आरम्भिक अवस्था में होता है। इस कीट के मुंह पर उल्टा अंग्रेजी का अक्षर वाय (ङ्घ) बना होता है। इस कीट की ईल्ली तने के अंदर प्रवेश कर पूरे तने को खोखला कर देती है। जिससे पौधे के साईड से कनसे निकलते है। किसान भाईयों को कीट नियंत्रण हेतु ईमामेक्टिन बेंजोयेट 250 ग्राम मात्रा या रायनोक्सि फायर 125 मिली मात्रा प्रति हेक्टेयर 500 लीटर पानी के साथ मिलाकर छिडकाव करना चाहिए।
उन्होंतने किसान भाईयों को सलाह दी है कि वे टिड्डी दल की सतत् निगरानी रखे सांयकाल 7 बजे से 9 बजे के मध्य यह दल रात्रिकालीन विश्राम के लिये कहीं भी बैठ सकता है। टिड्डी दल के आक्रमण एवं पहचान की जानकारी स्थानीय प्रशासन, कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र आरोन को तुरंत करें। प्रकोप होने पर परम्परागत तरीके से शोर मचाना, तेज ध्वनी करना आदि की मदद से टिड्डी दल को भगाने का प्रयास करें। किसान भाई टिड्डी दल नियंत्रण हेतु सुबह 3 बजे से 5 बजे तक अनुशंसित कीटनाशकों बेंडियोकार्ब 80 डब्लू.पी. की 125 ग्राम मात्रा या क्लोरपाईरिफोस 20 ईसी की 1200 मिली मात्रा का प्रति हेक्टेयर छिडकाव करें। डायग्नोस्टिक टीम के साथ अमित सिंह उप परियोजना संचालक (आत्मा), गोरीशंकर तोमर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, श्री प्रमोद श्रीवास्तव बी.टी.एम. आदि उपस्थित रहे।

Post a Comment

0 Comments