जिले भर के जंगलों में रोजाना चल रही कुल्हाड़ी, अवैध कटाई पर कार्रवाई करने में असमर्थ वन विभाग

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गुना। (प्रदेश केसरी) जिले के जंगलों में रोजाना तेजी के साथ जंगलों की कटाई की जा रही है। जिससे जंगल में हरे-भरे पौधों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। पेड़ों की कटाई के कारण वन परिक्षेत्र कम होता जा रहा है। कुछ सालों पहले तक ही जंगल काफी हरे-भरे हुआ करते थे, लेकिन इसमें आज कमी आ चुकी है। जिले के बमोरी, मधुसूदनगढ़, आरोन, राघौगढ़ आदि वन परिक्षेत्रों में अतिक्रमणकारियों द्वारा पेड़ काटने का मामला सामने आया है। बावजूद इसके जंगल की कटाई पर वन विभाग रोक लगाने में असमर्थ दिखाई दे रहा है।
जिले के बमोरी वन परिक्षेत्र के ग्राम अकोदा, मुधोल, खंडेला, नॉनपुरा, आटाखेड़ी, मानपुर, डेहर सहित अन्य कई जगहों पर पेड़ों की कटाई लगातार की जा रही है। बेरोक-टोक कटाई के चलते अतिक्रमणकारियों के साथ लकड़ी माफिया जंगलों में लगातार सक्रिय बने हुए हैं। पेड़ों के अलावा वन क्षेत्र में पत्थर उत्खनन का काम भी किया जा रहा है। बमोरी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अकोदा मुंदोल गांव के मुख्य रास्ते पर सैकड़ों की तादात में अतिक्रमणकारी अतिक्रमण कर रहे हैं। उनके द्वारा हरे-भरे जंगल को नष्ट किया जा रहा है।

बमोरी वन परीक्षेत्राधिकारी ने जताई असमर्थता

जब इस संबंध में वन परीक्षेत्र अधिकारी अजय त्रिपाठी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अतिक्रमणकारी मान नहीं रहे हैं। हमने कल भी रुकवाने के लिए टीम भेजी थी। लेकिन आज फिर से चालू हो गए हैं। वहीं अतिक्रमणकारी अंधाधुंध जंगल काट रहे हैं। बहरहाल निष्क्रिय वन अमले के कारण क्षेत्र में अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हो गए हैं। अधिकारी अपने कार्यालयों के वातानुकूलित कक्षों में बैठे हुए हैं, जबकि धरातल पर सैकड़ों बीघा जमीन से पेड़ काट दिए गए हैं।

मधुसूदनगढ़ क्षेत्र में धड़ल्ले से जारी है कटाई

इधर जिले के मधुसूदनगढ़ वन परिक्षेत्र के ग्राम संग्रामपुर के जंगलों में बड़े पैमाने पर कटाई की जा रही है। जंगल की कटाई पर वन विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। आलम यह है कि जंगल के हरे भरे पेड़ों को बड़े पैमाने पर काटा जा रहा है। उधर वन विभाग द्वारा इन पेड़ काटने वाले लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिससे इनके हौसले बुलंद हैं। यह लोग धड़ल्ले से जंगल की कटाई कर रहे हैं।

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