केदारनाथ कुंड में नहाने गए व्यक्ति की डूबने से मौत

सोमवती अमावस्या पर केदारनाथ पर जुटी थी भीड़


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गुना। (प्रदेश केसरी) कोरोना महामारी में तमाम प्रतिबंधों के बावजूद जिलेभर के सभी धार्मिक केंद्रों पर भारी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं। प्रशासन की लापरवाही के चलते सोमवार की सुबह केदारनाथ धाम स्थित कुंड में डूबने से एक व्यक्ति मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार केदारनाथ धाम पर सावन के महीने में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। सोमवंती अमावस्या होने के चलते हजारों की तादाद में श्रद्धालु केदारनाथ धाम पर पहुंचे थे किंतु यहां पर शासन प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के कोई इंतजाम नही किये गए थे। जिसके चलते सोमवार की सुबह विक्की लोधा पुत्र स्व. उदय सिंह लोधा उम्र 18 वर्ष  निवासी गोपालपुरा की कुंड में नहाने के लिए गया था कुण्ड में डूब गया। वहाँ तैराक न होने से उसे बचाया नही जा सका और उनकी डूबकर मौत हो गयी।

वन विभाग की बड़ी लापरवाही

वहीं केदारनाथ धाम पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए वन विभाग से 8 से 10 वनरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। किन्तु वन अमला डयूटी करने से बचने के लिए वन विभाग के पार्क में बैठा हुआ नजर आता है। उनके द्वारा बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को कुण्ड में जाने से रोकने, सावधानी बरतने की कोई समझाईश नहीं दी गई। जिसके फलस्वरूप आज एक व्यक्ति मौत के मुंह में समा गया ।

नहीं रखी जा रही सोशल डिस्टेंसिग 

आज पूरे विश्व मे कोरोना महामारी फैली हुई है। इससे बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिग का पालन करना अनिवार्य है किंतु यहां सोशल डिस्टेंसिग की जमकर धज्जियां उड़ाई गयी। अब आने वाले दिनों में अगर कोरोना का कोई केस सामने आता है तो इसमे प्रशासन की बड़ी लापहरवाही सामने आ सकती है ।

नही किया कलेक्टर के आदेश का पालन

कलेक्टर के द्वारा धार्मिक स्थलों पर भीड़ इकट्ठा न होने देने के लिए जिला प्रशासन को आदेशित किया गया था किंतु प्रशाशन के द्वारा कोई ध्यान न देकर घटना होने का जैंसे इंतजार सा किया गया। ऐसा नहीं है कि कोई धर्म विशेष के धार्मिक स्थलों पर ही भीड़ जमा हो रही है, बल्कि लगभग हर संप्रदाय के धार्मिक स्थलों पर जमकर भीड़ जुट रही है। यहां नियमों का पालन कराने में कमेटियां के साथ प्रशासन पूरी तरह विफल है।



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