सीएम शिवराज को बहन की इमोशनल चिट्ठी, प्यारे भैया, जीजाजी की वेतन बढ़ाकर दें राखी गिफ्ट'

मप्र सरकार ने पहले डीए रोका और अब वेतन में काल्पनिक वृद्धि की है, ऐसे में एक शासकीय कर्मचारी की पत्नी ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को इमोशनल चिट्ठी लिखकर मांगा राखी का गिफ्ट 

                                  
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भोपाल। (प्रदेश केसरी) कोरोना महामारी के बीच मप्र सरकार आर्थिक मंदी से जूझ रही है इस कारण सरकार के कर्मचारियों को डीए नहीं मिल पा रहा है। हर साल जुलाई मेंकर्मचारियों के वेतन में भी वृद्धि होती है। लेकिन सरकार ने इस बार काल्पनिक वृद्धि की बात कही है। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों को काफी नुकसान हो रहा है। हालांकि मुखिया ने अस्पताल में भर्ती होने के बाद कहा था कि सरकारी कर्मियों को वेतन वृद्धि को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है।
प्रदेश के नापतौल विभाग में कार्यरत उमाशंकर तिवारी की पत्नी नीलम तिवारी निवासी बागमुगलिया भोपाल ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को एक इमोशनल चिट्ठी लिखी है। उन्होंने पोस्टकार्ड पर अपनी मन की भावना को व्यक्त करते हुए सीएम को पत्र भेजा है। पत्र के जरिए उन्होंने सीएम शिवराज सिंह चौहान से राखी का गिफ्ट मांगा है।

वेतन वृद्धि कर गिफ्ट दें

दरअसल, नीलम तिवारी ने अपने इस खत के जरिए अपने पति के लिए वेतन वृद्धि की मांग की है। उनके पति उमाशंकर तिवारी के अनुसार हम लोगों को डीए भी नहीं मिल रहा है। उसके बाद सरकार वेतन में भी काल्पनिक वृद्धि की बात कर रही है। नीलम तिवारी ने खत में लिखा है कि मेरे प्यारे भैया! शिवराज सिंह चौहान आप जल्दी स्वस्थ हों, ईश्वर से प्रार्थना है। कोरोना की लड़ाई में आप सफल हों, यही शुभकामना देती हूं। आगे समाचार यह है कि कोरोना की शुरुआत में मेरे पति का महंगाई भत्ता रोका, हम लोगों ने साथ दिया। सातवें वेतनमान की किस्त रोकी फिर भी चुप रहें। जुलाई में वेतन वृद्धि होती है और परिवार को चलाने के लिए वेतन वृद्धि होना भी जरूरी है लेकिन आपने काल्पनिक वेतन वृद्धि कर दी।
उन्होंने आगे लिखा कि काल्पनिक वेतन से पेट नहीं भरता, न परिवार चलता है, जहां भी हम जा रहे हैं, वहां पैसे देने पड़ते हैं। काल्पनिक पैसे नहीं चल पा रहे हैं। इसलिए आपसे निवेदन है, प्यारे भैया। बहना बोलते हो, तो रक्षाबंधन के अवसर पर बहन के परिवार की खुशी के लिए जीजाजी को वेतन वृद्धि का उपहार दें।
बहन की सुनो पुकार, थोड़ा लिखा ज्यादा समझना, परिवार में सब अच्छे हैं। आपके परिवार में भी सब अच्छे होंगे। यहीं उम्मीद करती हूं, पत्र का जवाब शीघ्र देना।
खत लिखती हूं, खून से स्याही न समझना, वेतन वृद्धि मांगी है लड़ाई न समझना।

आपकी बहन
नीलम तिवारी





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