जिले में धड़ल्ले से हो रहा रेत का अवैध उत्खनन, कागजों में काम कर रही टास्क फोर्स

लॉकडाउन में धड़ल्ले से हो रहा विजयपुरा में अवैध उत्खनन

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गुना। (प्रदेश केसरी) जिलेभर में रेत के अवैध उत्खनन पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई टास्क फोर्स सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गई है। तमाम निर्देशों और न्यायपालिका की नाराजगी के बावजूद जिलेभर में रेत का अवैध उत्खनन जारी है। जहां एक ओर कोविड़-19 के चलते जिलेभर में शनिवार एवं रविवार को सख्त टोटल लॉकडाउन का असर देखने को मिला। वहीं दूसरी ओर उपखण्ड गुना क्षेत्र में मंगवार पंचायत के विजयपुरा गांव के पास सिंध नदी में लगातार रेत का अवैध उत्खनन का कार्य धड़ल्ले से जारी है। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी जिले के आला अधिकारियों को नहीं हो। अवैध उत्खनन की जानकारी ग्राम पंचायतों में कोटवारों, सरपंचों, पंचायत सचिवों से लेकर जिले तक के हर अधिकारी को होती है। लेकिन इसके बाद भी कार्यवाही नहीं होती। बहरहाल जिले में अवैध उत्खनन की कार्यवाही को रोकने बनाई गई टास्क फोर्स कमेटी सिर्फ औपचारिकता में सिमट गई है।
दरअसल नदियों से रेत खनन पर प्रतिबंध लगा दिया है जो दिखावा बनकर रह गई है। जिले के कई नदी नालों से रेत का अवैध उत्खनन और भंडारण हो रहा है। जिला मुख्यालय के समीपस्थ सिंध नदी विजयपुरा गांव सहित अनेकों जगहों पर रेत की अवैध निकासी पिछले दो माह से लगातार हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने यहां अभी तक कोई कार्यवाही नही की है। इस जगह पर दो पनडुब्बी लगातार रेत निकल रही हैं। रेत के अवैध कारोबार से जुड़े लोग ग्राम विजयपुरा से अन्य गांव तक अवैध रूप से भंडारण भी कर रखें हैं। ऐसा नहीं है नदियों में जारी अवैध उत्खनन को लेकर सभी की मिलीभगत हो। ग्रामीणों में रेत के अवैध कारोबार को लेकर काफी नाराजगी है। लेकिन रेत माफिया के रसूख के चलते कोई बोलने या विरोध करने तैयार नहीं है।

पिछले माह सीजेएम ने जताई थी नाराजगी

उल्लेखनीय है कि रेत, भसुआ, बजरी और ईंट के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ बनाई गई पुलिस और प्रशासन की टास्क फोर्स जिले में ठीक से काम नहीं कर रही है। माफियाओं पर सख्त कार्रवाई न होते देख और पुलिस के ढुलमुल रवैया से नाराज सीजेएम कौशलेन्द्र सिंह भदौरिया ने गत जून माह में स्वयं सड़कों पर उतरकर कार्रवाई की थी। इस दौरान सीजेएम श्री भदौरिया ने कहा था कि जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन पर उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। जिले में रेत एवं खनिज का अवैध उत्खनन एवं परिवहन हो रहा है। माइनिंग की कोई खदान स्वीकृत नहीं है। उच्च न्यायालय का आदेश है कि ऐसे उत्खननकर्ता के खिलाफ कार्रवाई करना है और मॉनीटरिंग करना है। मेरे द्वारा बार-बार पुलिस और प्रशासन को कार्रवाई के संबंध में निर्देश दिए जा रहे हैं। लेकिन उसके बावजूद जो प्रभावी कार्रवाई होना चाहिए वह पुलिस नहीं कर रही है। पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह लगातार कार्रवाई करें।

टास्क फोर्स पर किए थे सवाल खड़े

तत्समय सीजेएम श्री सिंह ने कलेक्टर द्वारा गठित टास्क फोर्स पर सवाल खड़े किए थे। बकौल सीजेएम श्री सिंह के अनुसार मुझे नहीं लगता टास्क फोर्स ने कोई कार्रवाई उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार की हो। शहर में जहां-तहां रेत के फड लगे हुए हैं, लेकिन पुलिस और उनके वरिष्ठ अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं है। मैं शहर में जब निकलता हूं तो मैं अपनी अधिकारों के दायरे में कार्रवाई करता है और पुलिस को निर्देश देता हूं।

इनका कहना है

प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। दो दिन पहले पांच डंपरों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इन पर दो-दो लाख का जुर्माना और होगा। ऐसा नहीं है यह सभी पूरा जुर्माना देकर ही छूटेंगे। अशोकनगर एवं गुना ने संयुक्त कार्रवाई की थी। कार्रवाई निरंतर जारी रहती है। - कुमार पुरूषोत्तम, कलेक्टर गुना

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