कोराना सैम्पल बूथ पर सुविधाओं का अभाव, कर्मचारियों में संक्रमण बढऩे के आसार

लिस्ट जारी होने के बावजूद नहीं हुई नए लैब टेक्नीशियनों एवं नर्सों की भर्ती

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गुना। (प्रदेश केसरी) जिला चिकित्सालय में हर समय अव्यवस्थाओं के नए- नए मामलें सामने आते रहें हैं। पर इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था में कोई विशेष सुधार नहीं दिखाई देता है। वर्तमान में कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है। जिससे प्रदेश सहित गुना जिला भी अछूता नहीं रहा है। जिले भर में कोरोना संक्रमण फैलने के कारण मरीज  बढ़े है, साथ ही संदिग्धों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है। इस कोरोना महामारी की जांच में अस्पताल प्रबंधन द्वारा सावधानी में लापरवाही बरती जा रही है। जिन मरीज का कोरोना सैंपल लेना है उनकी पूरी जिम्मेदारी अब लैब टैक्निशियन के भरोसे पूरी की जा रही है। जाँच के समय मौके पर कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं होता है। ऐसे में बूथ पर लैब टैक्निशियन से ही पूरा काम कराया जाता है। बूथ पर उनके लिए न टेबल, न कुर्सी ना अन्य कोई सुविधा दी जा रही है। यह लोग घंटों खड़े होकर कोरोना सैंपल लेते देखे गए है। साथ ही इनके आसपास से आम आदमी घूमते रहते हैं। जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा है। लेब टेक्नीशियनों का कहना है कि हमारी परेशानी को सुनने कोई तैयार नही है। इधर लंबे समय से लैब टेक्निशियनों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल के उक्त मामले को मीडिया द्वारा जोरशोर से उठाने के बाद नए लैब टेक्नीशियनों की भर्ती की गई। जिसकी कलेक्टर द्वारा लिस्ट जारी करने के बावजूद अभी तक इनकी नियुक्ति नहीं हो सकी है। पूर्व कलेक्टर द्वारा विगत 12 जुलाई को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत भर्ती एक दर्जन लैब टेक्निशियनों एवं 21 नर्सों की चयन सूची जारी की गई थी। लेकिन कोरोना के भीषण संकट में अभी तक उक्त नवीन कर्मचारियों को काम पर नहीं रखा गया है। ऐसे में लैब टेक्निशियनों को ब्लड बैंक और पैथालॉजी के साथ-साथ कोरोना सैंपल में ड्यूटी लगाई जाने के कारण जिला अस्पताल के अन्य काम प्रभावित हो रहे हैं। इस बारे में जब अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए  डॉ. एसके श्रीवास्तव, सिविल सर्जन से बात करना चाही तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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