शासकीय स्कूलों में एडमिशन और कोचिंग सेंटरों में पढ़ाई बंद कराने प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन


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गुना। (प्रदेश केसरी) प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन गुना ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से निशुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सत्र 2016-17, 2017-18 एवं 2018-19 के कुछ  विद्यालयों को तकनीकी कारणों से अब तक भुगतान ना होने के कारण मैनुअल भुगतान की प्रक्रिया अपनाने के लिए निवेदन किया है। आरटीई के अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति सत्र 2018-19 एवं 2019-20 की प्रतिपूर्ति पूरे प्रदेश के विद्यालयों में अति शीघ्र कराने के लिए भी निवेदन किया है। ज्ञापन में कहा गया कि कोरोनावायरस संक्रमण के कारण उपजी परिस्थितियों में विद्यालय संचालकों के समक्ष आर्थिक समस्याओं का पहाड़ खड़ा हो गया है। विद्यालय प्रारंभ ना हो पाने की दशा में, कार्यरत स्टाफ तथा शिक्षकों को वेतन देना भी दूभर हो गया है। प्राइमरी तथा मिडिल कक्षा तक संचालित होने वाले विद्यालयों के समक्ष तो आर्थिक समस्याएं सुरसा की तरह मुंह बाए खड़ी है।

ज्ञापन में कहा गया कि शासन के आदेश हैं कि 31 जुलाई तक शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों में शिक्षण कार्य नहीं किया जाएगा। लेकिन शहर के कुछ कोचिंग संचालक बच्चों को एकत्रित कर पढ़ाई करा रहे हैं। जिससे अभिभावकों में विसंगति उत्पन्न हो रही है। अशासकीय स्कूलों को इसके द्वारा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा शहर में संचालित शासकीय स्कूलों में प्रवेश दिया जा रहा है। जिससे अभिभावक अशासकीय विद्यालयों से टीसी की मांग कर रहे हैं। ज्ञापन में मांग की गई कि कोरोना महामारी के अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण स्तर पर संचालित समस्त कोचिंग पर पूर्ण रूप से रोक लगाई जाए।

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