हमारी लड़ाई अन्याय के खिलाफ - राहुल गांधी

गुना में दलित परिवार पिटाई मामला, मंगलवार को कैंट थाना इलाके की घटना 

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गुना। (प्रदेश केसरी) शहर के जगनपुर क्षेत्र में एक सरकारी मॉडल कॉलेज के निर्माण के लिये निर्धारित सरकारी जमीन के अतिक्रमण से जबरन निकाले गये एक दलित दंपत्ति ने मंगलवार को इस मुहिम के विरोध में कीटनाशक पी लिया था।  जिसके बाद यह मामला और भी गर्मा गया  इसी क्रम में कांग्रेस के राहुल गांधी ने भी वीडियो अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट किया है। वीडियो ट्वीट कर उन्होंने प्रदेश में मौजूदा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हमारी लड़ाई ऐसी सोच और अन्याय के खिलाफ है।

राहुल गांधी के ट्वीट पर नरोत्तम मिश्रा का पलटवार

वहीं राहुल गांधी के इस ट्वीट पर पलटवार करते हुए गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में जब कांग्रेस सरकार थी तब प्रीपेड प्लान के तहत अधिकारी नियुक्त होते थे। बीजेपी सरकार में घटना होते ही कलेक्टर एसपी का तबादला कर दिया गया। प्रदेश में कानून व्यवस्था को क़ायम किया जाएगा, उन्होंने पूर्व की कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार में सतना में दो बालक किडनैप हुए थे, उनके शव ही वापस आए थे। कांग्रेस सरकार में अपराधियों को संरक्षण दिया जाता था, बीजेपी सरकार में जो कानून के खिलाफ होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

घटना पर मायावती, प्रियंका नें साधा निशाना

इसी घटना पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती नें निंदा की है उन्होंने ट्वीट कर कहा कि "मध्यप्रदेश के गुना पुलिस व प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के नाम पर दलित परिवार को कर्ज लेकर तैयार की गई फसल को जेसीबी मशीन से बबार्द करके उस दम्पत्ति को आत्महत्या का प्रयास करने को मजबूर कर देना अति-क्रूर व अति-शर्मनाक। इस घटना की देशव्यापी निन्दा स्वाभाविक। सरकार सख्त कार्रवाई करे।"
कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाढरा नें कहा कि "गरीबों पर हमला दलितों पर हमला किसान पर हमला लोकतंत्र पर हमला यही तो है भाजपा का चाल, चेहरा और चरित्र। इस अन्याय के ख़िलाफ कांग्रेस जी-जान से लड़ेगी।"

एसपी और कलेक्टर बदले गए

बता दें कि इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर गुना के एसपी और कलेक्टर बदल दिए गए। इसके साथ ही एक उपनिरीक्षक सहित पांच आरक्षक निलंबित किये गये है आज पूरे इस मामलें में प्रदेश कांग्रेस द्वारा जांच समिति का गठन किया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा जारी आदेश में सात सदस्यीय जांच समिति 17 जुलाई को घटनास्थल पर पहुंचकर समूचे प्रकरण के तथ्य जुटाकर अपनी रिपोर्ट प्रदेशाध्यक्ष को सौंपेंगी।

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