लोग आज भी नसबंदी कराने में संकोच करते हैं या डरते हैं- डॉ. रामवीर सिंह

विश्व जनसंख्या दिवस पर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बूढ़े बालाजी पर हुआ आयोजन

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गुना। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बूढ़े बालाजी में शनिवार को विश्व जनसंख्या दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर डॉ. रामवीर सिंह ने बताया कि विश्व जनसंख्या दिवस का आयोजन का मूल उद्देश्य परिवार कल्याण के स्थाई एवं अस्थाई साधनों के उपयोग को प्रचार प्रसार कर गति देना है ताकि हमारी जनसंख्या स्थिर रहें। अभी पिछले वर्षों से हमारे जिले प्रदेश एवं देश की जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है। इस कारण सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों का लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। अगर हम सभी दंपत्ति इस बात का प्लान करें कि एक या दो से अधिक बच्चे ना हो तो ही हमारी जनसंख्या नियंत्रित हो सकती है। ऐसे दंपत्ति जिनकी हाल ही में शादी हुई है अथवा जिनके एक बच्चा हुआ है उनको अस्थाई परिवार नियोजन के साधन जिनमें इंजेक्शन अथवा गोली सम्मिलित हैं ,अपनाना चाहिए। ताकि दूसरा बच्चा तीन वर्ष से अधिक समय के बाद ही हो तथा ऐसे दंपत्ति जिनको दो  बच्चे हो चुके हैं ,उनको यथासंभव परिवार नियोजन का स्थाई साधन यानी नसबंदी करवा लेना चाहिए। नसबंदी में पुरुष नसबंदी सबसे आसान इसके अलावा महिलाओं की नसबंदी परंपरागत अथवा लेप्रोस्कोपी पद्धति से नसबंदी दोनों ही आसान हैं। लेकिन लोग संकोच करते हैं या डरते हैं, एवं इसी बीच में अगला बच्चा गर्भ में आ जाता है, कुछ ऐसी महिलाएं जिन को चौथी और पांचवी बार गर्भधारण होता है, वह विभिन्न प्रकार की बीमारियों से गर्भ काल में ही ग्रसित हो जाती हैं। इस अवसर पर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बूढ़े बालाजी का स्थान एवं क्षेत्र के कई लोग उपस्थित रहे तथा सामाजिक डिस्टेंस का भी पालन किया गया।

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