रूठे इंद्रदेव तरसा-तरसा कर बरस रहे, उमस गर्मी ने किया बेहाल

किसानों के चेहरे पर बढ़ी चिंता की लकीरें 

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गुना। (प्रदेश केसरी) अंचल में आधा सावन बीतने को है लेकिन रूठे इंद्रदेव नहीं मान रहे। बीते तीन-चार दिनों से जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश हो रही है, लेकिन सिर्फ कुछ मिनटों के लिए। मानसून के इस तरह तरसा-तरसाकर बरसने ने किसानों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। एक तरफ फसलें खराब होने की कगार पर हैं तो दूसरी तरफ आसमान पर छाए काले बादल बरसने को तैयार नहीं हैं। जिले में अब तक 26 फीसदी ही बारिश हुई है। मंगलवार को सुबह ठंडी हवाएं चलने के बाद मात्र मिनटों के लिए बूंदाबादी हुई, जो ठीक से सड़कें भी गीलीं नहीं कर सकी। जिसके बाद खुले मौसम में सूरज की तीखीं तपन ने सभी को उमस और गर्मी से बेहाल कर दिया। छुटपुट बारिश का दौर पिछले दो-तीन दिन से  अंचल के अन्य इलाकों में भी चल रहा है।

चल रहा इंद्र देव को मनाने का दौर

बारिश  को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक इंद्र देव को मनाने का दौर चल रहा है। सोमवार एवं मंगलवार को जिले के क्षेत्रों में कई गांवों में विभिन्न समाजों  के लोगों ने भगवान से बारिश के लिये  प्रार्थना की। कुछ गांवों में टोटके के तहत मन्दिरों,खेतों व कुओं पर भोजन बनाकर खाया। इस दौरान पूजा और दाल-बांटी, चूरमे का भोग लगाने के बाद बारिश के लिए प्रार्थना भी की गई।

282.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज, बीते 24 घंटे में मात्र 0.2 बारिश 

जिले में 01 जून से अब तक 282.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। जो कि सामान्य वर्षा का 26.8 प्रतिशत है। जिले में गतवर्ष इसी अवधि में 207.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी। जिले की वर्षा ऋतु में सामान्य औसत वर्षा 1053.5 मिमी है।   अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 01 जून से 20 जुलाई तक जिले के वर्षामापी केन्द्र गुना में 291 मिमी, बमौरी में 329, आरोन में 291, राघौगढ़ में 220,  चांचौड़ा में 265.0 तथा कुम्भराज में 297 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।  जिले में बीते 24 घंटे में 0.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। इस अवधि में वर्षा मापी केन्द्र गुना में 0.0 मिमी, बमोरी में 1.0 मिमी, आरोन में 0.0 मिमी, राघौगढ में 0.0 मिमी, चांचौडा में 0.0 मिमी एवं कुंभराज में 0.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

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