भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री के.एल. अग्रवाल ने थामा कमलनाथ का हाथ

उपचुनाव में बमोरी विधानसभा क्षेत्र से बनाए जा सकतें हैं उम्मीदवार

                                   
CLICK -  

गुना। (प्रदेश केसरी) कभी भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री के.एल. अग्रवाल ने काफी समय से चली आ रही अटकलों को विराम देते हुए गुरुवार को भोपाल में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान अपने सैकड़ोंं समर्थकों के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज कांग्रेस में शामिल हो गए। श्री अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह सहित अनेकों कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की  उपस्थिति में कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस का हाथ थाम लिया। कांग्रेस अग्रवाल को गुना जिले की बमोरी विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बना सकती है, 2018 में इस सीट से कांग्रेस के महेंद्र सिंह सिसोदिया चुनाव  जीते थें। 
उल्लेखनीय है कि काफी समय से पूर्व मंत्री श्री अग्रवाल को कांग्रेस से बमोरी उपचुनाव में टिकट मिलने के कायस लगाए जा रहे थे। जो उनकी बमोरी क्षेत्र में निरंतर सक्रियता और अब कांग्रेस का दामन थामने से स्पष्ट हो गया है। हालांकि सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के आला नेताओं ने टिकट को लेकर कोई घोषणा नहीं की। लेकिन सूत्रों के अनुसार बमोरी से उनका कांग्रेस से टिकट मिलना लगभग तय है। जिसके बाद बमौरी उपचुनाव में कांग्रेस-भाजपा के बीच रोचक मुकाबला देखने को मिल सकता है। सदस्यता ग्रहण के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मैं के.एल. अग्रवाल को ज्यादा नहीं जानता, लेकिन जब उनसे पहली बार मिला और पूछा लक्ष्य क्या है तो उन्होंने एक ही जबाव दिया कि मौका परस्तों को घर बिठाना ही मेरा लक्ष्य है।

प्रदेश भाजपा को एक बड़ा झटका 

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कन्हैया लाल अग्रवाल को कांग्रेस गुना जिले की बमोरी विधानसभा क्षेत्र से अपना प्रत्याशी बना सकती है। 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र सिंह सिसोदिया जीते थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक महेंद्र सिंह सिसोदिया के विधानसभा से त्यागपत्र देने के चलते बमोरी में उपचुनाव होना है। सिसोदिया भाजपा सरकार में मंत्री हैं। सिसोदिया का भाजपा उम्मीदवार बनना तय है। गुरुवार को भाजपा नेता और पूर्व मंत्री कन्हैया लाल अग्रवाल ने अपने साथियों के साथ भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस की सदस्यता ले ली। पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ ने उन्हें सदस्यता दिलवाई। कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस का झंडा प्रदेश में फिर लहराएगा। आने वाला उपचुनाव मध्य प्रदेश का भविष्य है, सत्ता में आने पर हम पूरा कर्जा माफ करेंगे। उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधते हुए कहा- वे बिकाऊ माल अपने साथ ले गए हैं। उपचुनाव के लिए यह सौदेबाजी हुई है। 

के.एल. अग्रवाल का राजनीतिक सफर

कभी जिले में भाजपा के कद्दावर नेता रहे श्री अग्रवाल ने दो बार भाजपा में विधायकी से लेकर लाल बत्ती तक का लंबा सफर तय किया। वर्ष 2003 में वह गुना से विधायक रहे। वहीं वर्ष 2008 में बमोरी से चुनाव जीतकर राज्यमंत्री बने। लेकिन 2013 में पराजय और 2018 के विधानसभा चुनावों में भाजपा से टिकट न मिलने पर उन्होंने बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा। जिसमें उन्होंने भाजपा-कांग्रेस दोनों को कड़ी टक्कर देते हुए साढ़े 27 हजार के करीब वोट बटोरे थे। तत्समय राजनीतिक पंडितों ने कांग्रेस की जीत और भाजपा की हार के लिए कन्हैयालाल अग्रवाल को किंगमेकर माना था। लोकसभा चुनावों में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपने हजारों समर्थकों के साथ 'आत्मीय समर्थन' दिया था।

कांग्रेस के सर्वे में आया नाम

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने उपचुनाव वाली 24 विधानसभा क्षेत्रों में सर्वे कराया है। बमोरी सीट पर लोगों ने के.एल. अग्रवाल को पहली वरीयता दी है। इसकी रिपोर्ट कमलनाथ को मिलते ही उन्होंने सीधे अग्रवाल से बात की और भोपाल बुलाया। कन्हैया लाल अग्रवाल शिवराज सरकार के पिछले कार्यकाल में मंत्री रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि अग्रवाल को कांग्रेस में शामिल कराने में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Post a Comment

0 Comments