456 आंगनबाडी केन्द्रों को खाली पड़े शासकीय भवनों में किया जाएगा शिफ्ट

महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश

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गुना। (प्रदेश केसरी) कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने महिला बाल विकास विभाग के जिला अधिकारियों परियोजना अधिकारियों, सुपरवाईजरों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि बच्चे देश का भविष्य हैं। भावी पीढ़ी शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वास्थ्य रहें और जिले का कोई भी 0 से 5 वर्ष तक बच्चा कुपोषित नही रहे। अगले तीन माह में जिले के समस्त  कुपोषित बच्चे सामान्य बच्चों की श्रेणीं में आएं, इस  उद्देश्य को लेकर कार्य करें और अपने पदेन दायित्वों को परिणाममूलक बनाएं। उन्होंने कहा कि उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रत्येक 15 दिवस में विभागीय समीक्षा की जाएगी। उन्होंने यह निर्देश महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि आंगनबाडी कार्यकर्ता और संबंधित स्व-सहायता समूह केन्द्रों में दर्ज अति कुपोषित बच्चों को विशेष पौष्टिक आहार सुनिश्चित करें।  उन्होंने कहा कि शासकीय व्यवस्थाएं आम जन की भलाई और उनके हित के लिए होती हैं। दायित्वोंं का निर्वहन रूचि लेकर करें। जिले को कुपोषण से मुक्ति के लिए अपना सार्थक योगदान करें। इस अवसर पर उन्होंने आंगनबाडी कार्यकर्ता के भरे एवं रिक्त पद की समीक्षा के दौरान रिक्त 12 पदों को शीघ्र भरने के तथा किराये के भवनों में संचालित 456 आंगनबाडी केन्द्रों को यथा संभव अन्य विभागों के रिक्त शासकीय भवनों में शिफ्ट कराये जाने, आंगनबाडी भवन निर्माण के 192 अपूर्ण भवनों को शीघ्र पूर्ण कराने हेतु सीईओ जनपद पंचायत की समीक्षा बैठक में उक्त बिन्दु शामिल करने के निर्देश दिए। जिसमें  0 से 05 वर्ष के गंभीर कुपोषित बच्चों को सामान्यत श्रेणी के बच्चों  में लाने हेतु छोटे छोटे समूहो में कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर उन्हें जिम्मेदारी सौंपने, कम से कम 04 बार उन बच्चों के परिवार में गृह भेंट देने, उनके पोषण हेतु अभिभावकों को आवश्यक समझाईश देने तथा उन्हें पौष्टिक आहार प्रदाय किया जाने एवं जहां-जहां गंभीर कुपोषित बच्चें है उन आंगनबाडी कार्यकताओं का परियोजना अधिकारियों को व्हाटसअप ग्रुप तैयार करने एवं नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भम्रण के दौरान परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक भी इनके परिवारों से सम्पर्क करें। चिकित्सीय जटिलता वाले बच्चों को पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती कराएं। उन्होंने इसमें किसी भी प्रकार की लपारवाही होने पर संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही करने की चेतावनी भी दी। उन्होंने आंगनबाडी केन्द्रों पर स्व सहायता समूहों के द्वारा कोविड-19 के दौरान सात अथवा 15 दिवस का पोषण आहार पैकिट हितग्राहियों को प्रदाय के मद्देनजर पोषण आहार प्रदाय के सत्यापन हेतु परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अपने-अपने क्षेत्र के 20 प्रतिशत समूहो का स्वयं सत्यापन करें तथा 5 प्रतिशत समूहों का एस.डी.एम. द्वारा सत्यापन किया जाए। उन्होंने लाडली लक्ष्मी योजना एवं प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के शत प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के निर्देश भी परियोजना अधिकारियों को दिये। सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह फील्ड में अपनी सक्रियता बढाएं तथा बच्चों के कुपोषण से बचाव पर विशेष रूचि लेकर कार्य करें। सभी बच्चों का टीकाकरण भी सुनिश्चित करें। यदि किसी क्षेत्र में टीकाकरण नहीं हो रहा है तो उसकी सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दें। यदि समस्या का निदान नही हो रहा हो तो जिला प्रशासन को बताएं। सी.एम. हेल्पलाईन की समीक्षा के कुल 81 शिकायतें लंबित पाए जाने पर उन्होनें  सभी परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिये कि सी.एम. हेल्पलाईन की शिकायतों का समय सीमा में गुणवत्ता पूर्ण निराकरण करना सुनिश्चित करें।
बैठक में वन स्टॉप सेंटर, शिशु गृह एवं संप्रेक्षण गृह की समीक्षा की गई। उक्त गृहों की स्थिति संतोषजनक पाई गई। सभी प्रबंधकों को निर्देश दिये गये कि उक्त गृहों में संवेदनशीलता से कार्य हेतु सभी स्टॉफ को प्रेरित करें। साथ ही उन्होंने नव-निर्मित वन स्टॉप सेंटर का अधिपत्य 15 अगस्तक तक निर्माण एजेंसी से लेने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी  डी.एस.जादौन, सहायक संचालक मनोज भारद्वाज एवं आरबी गोयल सहित समस्त परियोजना अधिकारी, अधीक्षक संप्रेक्षण गृह एवं प्रबंधक शिशु गृह उपस्थित रहे।

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