श्री राम मंदिर भूमि पूजन की शुभ घड़ी आज, शिलान्यास से पहले रोशनी से सजी अयोध्या

मुख्य समारोह के लिए आमंत्रित किए गए 175 प्रतिष्ठित लोग 

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अयोध्या। (प्रदेश केसरी) अयोध्या नगरी के लिए आज वह ऐतिहासिक दिन आ ही गया है, जिसका वर्षों से अयोध्यावासी ही नहीं, बल्कि पूरा भारतवर्ष इंतजार कर रहा था। आज भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम जन्मभूमि मंदिर के शिलान्यास के मौके पर आज अयोध्या पहुंचेगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि राम मंदिर भूमि पूजन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हनुमानगढ़ी में पूजा और दर्शन करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा तमाम बडे
राजनेता साधु संतों समेत 175 आमंत्रित लोग इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनेंगे। इससे पहले अयोध्या नगरी मंगलवार सूर्यास्त होते ही जगमग रोशनी से नहा उठी। 

राम मंदिर भूमिपूजन के मौके पर पीएम मोदी करेंगे एक स्मारक डाक टिकट जारी

हनुमानगढ़ी में पूजा अर्चना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्री राम जन्मभूमि जाएंगे जहां वह भगवान श्री रामलला की पूजा और दर्शन में शामिल होंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री पारिजात का पौधा रोपण करेंगे और फिर भूमिपूजन होगा । मंदिर निर्माण की आधारशिला रखने के लिए वह एक पट्टिका का अनावरण भी करेंगे।

अभिजीत मुहूर्त में पूजन

राममंदिर भूमि पूजन का समय अभिजीत मुहूर्त में रखा गया है इसके अनुसार प्रधानमंत्री मोदी निर्धारित समय दोपहर 12.15 बजे पवित्र अभिजीत मुहूर्त में आधारशिला रखेंगे। इसमें नौ ईंटों का प्रयोग किया जाएगा, जो चार दिशाओं, चार कोणों और स्थान देवता की परिचायक होंगी। दूसरी तरफ ज्योतिष की दृष्टि से अभिजीत मुहूर्त बहुत ही शुभ माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त में भूमि पूजन का एक कारण भगवान राम का जन्म है, क्योंकि यह माना जाता है कि भगवान राम का जन्म भी अभिजीत मुहूर्त में ही हुआ था इसलिए भूमि पूजन भी इसी समय के अनुसार रखा गया है।

175 मेहमान होंगे शामिल

अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमिपूजन और वहां मौजूद 175 मेहमानों को देखने के लिए बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगाई गई हैं। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। लेकिन शिलान्यास में प्रमुख राजनीतिक उपस्थिति प्रधानमंत्री मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रहने वाली है।
पीएम मोदी और सीएम योगी दोनों ही इसके लिए उपयुक्त हैं क्योंकि दोनों की  हिन्दुत्व के प्रति अपनी अटल निष्ठा के लिए जाने जाते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारी के नाते नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी की 1990 में हुई राम रथ यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
वहीं योगी आदित्यनाथ के गुरू स्वर्गीय महंत अवैद्यनाथ ने 1984 में बने साधुओं और हिन्दू संगठनों के समूह की अगुवाई कर मंदिर आंदोलन में अहम योगदान दिया था।

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श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए होने वाले भूमिपूजन कार्यक्रम के लिए 175 प्रतिष्ठित अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि निमंत्रण सूची भाजपा के वरिष्ठ नेताओं लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के अलावा वरिष्ठ वकील के परासरन एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ निजी तौर पर चर्चा करके तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि मुख्य समारोह के लिए आमंत्रित किए गए 175 प्रतिष्ठित अतिथियों में से 135 संत हैं जो विभिन्न आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े हुए हैं और वे सभी उपस्थित रहेंगे।
चंपत राय ने कहा कि विहिप के दिवंगत नेता अशोक सिंघल के भतीजे सलिल सिंघल कार्यक्रम में यजमान होंगे। साथ ही नेपाल के संतों को भी आमंत्रित किया गया है क्योंकि जनकपुर का बिहार, उत्तर प्रदेश और अयोध्या से भी संबंध है। राम जन्मभूमि निर्माण के लिए भूमिपूजनल कार्यक्रम के दौरान मंच पर सिर्फ पांच लोग मौजूद होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, ट्रस्ट के प्रमुख महंत नृत्य गोपालदास महाराज, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

जनता से अपील- वे घरों में ही रहकर भूमिपूजन का उत्सव मनायें

अयोध्या में हर ओर पुलिस के बैरियर, पीले बैनर, दीवारों पर नये पेंट का नजारा और भजन-कीर्तन है तथा हर कोना भक्तिरस से सराबोर दिख रहा है। कोरोना वायरस के प्रसार को लेकर चिन्तित प्रशासन लोगों को अयोध्या आने से बचने को कह रहा है। जनता से अपील की गयी है कि वे घरों में ही रहकर यह उत्सव मनायें। भूमिपूजन कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा।
अयोध्या की ओर जाने वाले हर रास्ते पर प्रस्तावित राम मंदिर और राम लला के चित्रों वाली होर्डिंग लगायी गयी है। हनुमानगढी क्षेत्र में पुलिस का सायरन और भजन दोनों ही भगवान राम की भक्ति में लीन दिख रहे हैं। अधिकतर दुकानों का रंग-रूप संवर गया है व चटक पीले रंग का पेंट लगाया गया है।

अयोध्या में प्रवेश पर प्रतिबंध, सुरक्षा के तगड़ें इंतजाम

अयोध्या में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात हैं। पुलिसकर्मी आने-जाने वालों के मोबाइल नंबर सहित पूरा ब्यौरा नोट कर रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार  कोविड-19 दिशा निर्देशों का पालन करने पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। किसी बाहरी व्यक्ति को अयोध्या नगरी में प्रवेश प्रतिबंधित है । पूरे क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है और एक साथ चार से अधिक लोग कहीं एकत्र नहीं हो सकते हैं। आज बाजार और दुकानें खुली रहेंगी लेकिन कोविड-19 नियमों का कड़ाई से अनुपालन करना होगा। अयोध्या के निवासियों को पहचान पत्र दिखाने पर ही  आने-जाने की सुविधा रहेगी।
एसएसपी ने बताया कि मंदिर अैर मस्जिद खुले रहेंगे लेकिन भूमिपूजन के अलावा बुधवार को कोई अन्य धार्मिक कार्यक्रम नहीं होगा। अयोध्या में रह रहे लोगों की चेकिंग की जा रही है ताकि सुनिश्चित हो सके कि कोई बाहरी व्यक्ति प्रवेश तो नही कर रहा है। शहर में संवेदनशील जगहों पर पुलिसकर्मी पूरी तरह मुस्तैद हैं।

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