सवालों के घेरे में है शहर के कंटेनमेंट जोन, पार्क और बाउण्ड्रीवॉल को बना दिया कंटेनमेंट

जिम्मेदार अधिकारी नही दे रहें है ध्यान, नपा कर्मचारियों के भरोसे हैं कंटेनमेंट जोन

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गुना। (प्रदेश केसरी) कोरोना संक्रमण रोकने के लिए प्रशासन द्वारा बनाए जा रहे कंटेनमेंट जोनों पर लगातार विवादों के साथ सवालियों निशान उठ रहे हैं। प्रशासन द्वारा कहीं कंटेनमेंट जोन अनावश्यक बड़ा तो कहीं हद से ज्यादा छोटे बनाए जा रहे हैं। कहीं मरीज निकलने के कई दिनों तक कंटेनमेंट नहीं बनाया जाता है तो कहीं-कहीं तय अवधि निकल जाने के बाद भी बेरीकेट्स लगे हुए हैं। कुछ ऐसे ही मामलें शहर के चौधरन कॉलोनी में सामने आया है। यहां आशीर्वाद हॉस्पिटल रोड चौधरन कॉलोनी में 20 जुलाई को कोरोना से एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद कंटेनमेंट एरिया बनाया गया था। बाद में इसे छोटा कर दिया गया था। मजेदार बात यह है कि छोटा करने के बाद जो कंटेनमेंट जोन बनाया गया, उसमें केवल पार्क और मृतक के घर की बाउंड्रीवाल ही आ रही है। जहां एक भी रिहायशी घर नहीं है । ऐसे में लोगों के समक्ष कंटेनमेंट बनाने वाले की समझ पर अंगुली उठाई जा रही हैं। बहरहाल स्थानीय रहवासियों के अनुसार जहाँ रिहायशी घर नहीं है वहां कंटेनमेंट की क्या आवश्यकता है ? वहीं अगर इसे बना भी दिया तो क्या प्रशासन उसे हटाना भूल ही गया क्योंकि उसे लगाएं हुए एक माह हो गया है। इसके अलावा मृतक व्यक्ति के मकान का मुख्य गेट खुला हुआ है,केवल पार्क की दीवाल और घर की दीवाल को बंद करने से क्या संक्रमण रुक पायेगा ?बहरहाल ऐसा लगता है कि कंटेनमेंट जोन के नाम पर केवल औपचारिकता खानापूर्ति शहर में की जा रही है।



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