स्कूल स्टॉफ की सैलरी और लोन किश्त की दुहाई के नाम पर पालकों से फीस की मांग

ट्यूशन फीस के नाम पर मनमर्जी कर रहे क्राईस्ट स्कूल ने बुलाई पत्रकार वार्ता

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गुना। (प्रदेश केसरी) ट्यूशन फीस के नाम पर मनमर्जी करने पर पालकों के विरोध और गुस्से का सामना कर रहा क्राईस्ट स्कूल प्रबंधन द्वारा शनिवार को एक पत्रकार वार्ता आयोजित गत वर्ष की अपेक्षा कथित फीस कटौती और कर्मचारियों  की सैलरी आदि देने का रोना रोया। इस दौरान स्कूल प्रबंधन द्वारा कोविद-19 नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया। जहां स्कूल प्रबंधन द्वारा संक्रमण के खतरे से बेखबर बगैर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के अपना पक्ष रखा। इस दौरान स्कूल प्रबंधन द्वारा ट्यूशन फीस के नाम पालकों द्वारा किए जा रहे विरोध को गलत बताते हुए स्कूल द्वारा गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 22 फीसदी फीस में कटौती करना बताया। स्कूल प्रबंधन के अनुसार सैलरी के अभाव में टीचर्स द्वारा ऑनलाईन क्लास का संचालन संभव न हो सकेगा। जिससे बच्चों के पूरे एक वर्ष की पढ़ाई का नुकसान होगा। इसलिए हमारा अभिभावकों से निवेदन है कि शासन द्वारा दिए गए दिशा निर्देशा का पालन करते हुए ट्यूशन फीस जरूर जमा करें। कोरोना महामारी में अभिभावकों की समस्याओं को देखते हुए स्कूल द्वारा इस वर्ष शैक्षणिक सत्र में एसएएफ, स्मार्ट क्लास फीस, कम्प्यूटर फीस आदि नहीं ली है। अप्रैल में होने वाली इस्टॉलमेंट के जबाव में प्रबंधन ने कहा कि शैक्षणिक सत्र की कुल फीस को चार इंस्टॉलमेंट में बांटा गया है। चूंकि नए शैक्षणिक सत्र की शुरूआत अप्रैल से होती है और नए सत्र के खर्चे नए सत्र की फीस से ही पूरे किए जाते हैं। स्कूल में कार्यरत 165 कर्मचारियों की सैलरी देने के लिए फीस लेना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त भी लोन किश्त सहित स्कूल के कई खर्चे हैं। पत्रकार वार्ता में स्कूल प्रबंधन ने दुहाई दी कि पिछले कुछ महीनो से लगभग सभी गतिविधियां प्रारंभ हो चुकी हैं, लेकिन स्कूल बंद हैं। ऐसी स्थिति में प्रायवेट स्कूल के टीचर्स को बहुत आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कुछ कटौती के साथ ही सही लेकिन स्कूल प्रबंधन अपने स्तर निरंतर स्टॉफ की सैलरी दे रहा है। इसके लिए अभिभावकों का सहयोग जरूरी है। इस दौरान बताया गया कि दिसंबर से मार्च माह तक की कोई फीस नहीं ली जाएगी।


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