कलेक्टर के आदेश के बावजूद छह महीने की जगह ढाई महीने का दिया वेतन

जल संसाधन विभाग में पदस्थ दैवेभो कर्मचारी ने दी आत्मदाह की चेतावनी

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गुना। (प्रदेश केसरी) जल संसाधन विभाग में पदस्थ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अनिल त्रिपाठी को कलेक्टर के आदेश के बावजूद वेतन नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। दरअसल दैवेभो कर्मचारी श्री त्रिपाठी को विभागीय अनियमिताओं के चलते छह महीने पूर्व निलंबित कर दिया गया था। जिसके बाद से उनका वेतन रूका हुआ था। इसकी शिकायत उनके द्वारा कलेक्टर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से की गई थी। श्री त्रिपाठी के अनुसार उन्होंने विभाग में जारी फर्जी भुगतानों एवं भ्रष्टाचार की शिकायत भोपाल तक की थी। जिसके बाद भोपाल से जांच बैठ गई थी। जिससे दुर्भावनापूर्ण विभाग के दागी अफसरों एवं कर्मचारियों ने उनके खिलाफ जांच बिठा दी और स्थानांतरण कर दिया। इसके खिलाफ वह ग्वालियर हाईकोर्ट से स्टे ले गए। श्री त्रिपाठी ने स्थगन आदेश से उपस्थिति मान्य नहीं करने तथा विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा अनेकों आवेदनों पर कोई कार्रवाई नहीं करने पर तत्कालीन कलेक्टर एस विश्वनाथन को इसकी शिकायत की। जिस पर उन्होंने श्री त्रिपाठी पर लगे आरोप निरस्त कर 6 माह का वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन विभागीय कर्मचारियों ने छह माह के वेतन भुगतान की जगह मात्र ढाई माह का वेतन भुगतान किया गया है। साढ़े  तीन माह का वेतन भुगतान के लिए उनसे रिश्वत मांगी गई। जिससे परेशान होकर दैवेभो श्री त्रिपाठी ने विभागीय अधिकारियों को आत्मदाह करने की धमकी दी है। वहीं इस बारे में विभाग एसई श्री गर्ग ने बताया कि दैवेभो कर्मचारी द्वारा वेतन कम देने की शिकायत को लेकर आवेदन दिया था। जिसकी जांच की जा रही है। वेतन काटा नहीं गया है वेतन कम किया गया है। इनके अलावा चार अन्य लोगों का भी वेतन कम किया गया है। इनके द्वारा आत्मदाह की धमकी के संबंध में हमारे द्वारा शासन को लिखा जा रहा है।

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