डॉक्टर्स घरों पर कर रहे प्रेक्टिस, धड़ल्ले से उड़ाई जा रही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

गुना। (प्रदेश केसरी) स्वास्थ्य महकमे की हालत क्या है यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है। सरकार करोडों रुपए खर्च कर सभी को अच्छे इलाज का वादा तो कर रही है, लेकिन सरकारी डॉक्टर सरकार की मंशा पर पानी फरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। सरकारी अस्पताल में इलाज करने वाले भले ही सरकारी चिकित्सक हैं, लेकिन उनका इरादा आपको निजी उपचार देना और मोटी फीस वसूलना है। इतना ही नहीं दवाएं भी निजी लिखने के साथ मरीज की जेब हलकी करना का एक मौका सरकारी अस्पताल के डॉक्टर नहीं छोड़ रहे हैं। कोरोना महामारी के बीच इन सरकारी एवं सेवानिवृत्त चिकित्सकों के घर बड़ी संख्या में मरीजों की भीड़ एकत्रित हो रही है। जिसके चलते यहां रोजाना सोशल डिस्टेंसिंग टूट रही है। शहर के दुबे कॉलोनी में अधिकांश डॉक्टर्स द्वारा अपने घरों में निजी प्रेक्टिस कर रहे हैं। यहां धड़ल्ले से बिना कोई कोविद-19 की गाईडलाईन का पालन किए डॉक्टरों की कमाई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल के डॉक्टर सरकारी अस्पताल में मरीज को छोड़ अपने घर पर ही मरीज देखने का काम कर रहे है। जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकांश डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं। इन्होंने अपने आवास को ही क्लीनिक बना लिया है, यहां मरीजों से 300 से 500 रुपये शुल्क वसूल कर लूटने का काम किया जा रहा है। जानकारी के मुताविक प्राइवेट तौर पर इलाज कर रहे सरकारी डॉक्टर मरीजों को लिखने वाली दवाई भी अपने आवास के पास बने मेडिकल स्टोर से लेने को कहते है। तो इसी तरह कई महिला चिकित्सक भी अपने डॉक्टर पति के साथ प्राइवेट क्लिनिक चला रही हैं।

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