उज्जैन में महाकाल की शाही सवारी में आज शामिल होंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया

इंदौर में बीजेपी के कई बड़े नेताओं से मुलाकात करेंगे सिंधिया

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भोपाल। (प्रदेश केसरी) मप्र में विधानसभा उपचुनाव की तैयारी जोरों पर है। कोरोना की वजह से इस पर थोड़े दिनों के लिए ब्रेक जरुर लगा था। अब फिर से बीजेपी नेता उपचुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। सोमवार का दिन मप्र की राजनीति के लिए काफी अहम माना जा रहा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया 17 अगस्त को इंदौर आ रहे हैं। इस दौरान वह कई बीजेपी नेताओं से मिलने उनके निवास पर जाएंगे। लेकिन कैलाश विजयवर्गीय से उनकी मुलाकात को काफी अहम मानी जा रही है।
17 अगस्त को ज्योतिरादित्य सिंधिया दोपहर 1 बजे के करीब इंदौर एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। वहां से सीधे वह महू जाएंगे, जहां शिवराज सरकार में मंत्री ऊषा ठाकुर से मुलाकात करेंगे। उषा ठाकुर से मुलाकात के बाद वह उज्जैन जाएंगे। वहां बीजेपी सांसद अनिल फिजोरिया से मिलेंगे। उसके बाद मंत्री मोहन यादव से भी ज्योतिरादित्य सिंधिया मिलेंगे। उसके बाद शाम को वह महाकाल की शाही सवारी का पूजन कर इंदौर लौट जाएंगे।

इंदौर में "भाई" से मुलाकात

अभी तक के कार्यक्रम के अनुसार इंदौर में वह बीजेपी के चार बड़े नेताओं से मिलेंगे। जिनमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी और विधायक रमेश मेंदोला से मिलेंगे। रात्रि विश्राम के बाद 18 अगस्त को सिंधिया दिल्ली निकल जाएंगे। इंदौर में ज्योतिरादित्य सिंधिया और कैलाश विजयवर्गीय के बीच की मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय को लोग "भाई" बोलते हैं। वहीं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को ताई बोलते हैं। सिंधिया दोनों से मिलेंगे।

एमपीसीए में धुर विरोधी रहे हैं दोनों

दरअसल, राजनीति से अलग एमपी क्रिकेट एसोसिएशन पर कब्जे को लेकर भी ज्योतिरादित्य सिंधिया और कैलाश विजयवर्गीय आमने सामने रहे हैं। 2010 में एमपीसीए के चुनाव के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कैलाश विजयवर्गीय को 10 वोट से हराया था। हार के बाद विजयवर्गीय ने सिंधिया को उस वक्त छोटा नेता बताया था। उसके बाद दोनों खुद तो चुनाव नहीं लड़ते हैं लेकिन अपने-अपने गुट के लोगों को जिताने के लिए एड़ी-चोटी की जोर लगा देते हैं। लेकिन अब सियासी हालात बदल गए हैं। दोनों एक ही दल में हैं।

गिला-शिकवा करेंगे दूर

बीजेपी में शामिल होने के बाद पहली बार ज्योतिरादित्य सिंधिया कैलाश विजयवर्गीय से मिलने उनके घर पर जा रहे हैं। ऐसे में इसके सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। उपचुनाव को देखते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया का यह कदम काफी अहम है। क्योंकि इस इलाके में 5 सीटों पर उपचुनाव हैं, इसके प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ही हैं। सबसे अहम सांवेर की सीट है। जहां से ज्योतिरादित्य सिंधिया के सबसे करीबी मंत्री तुलसी सिलावट चुनाव लड़ेंगे।

उपचुनाव के लिए कवायद

दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ आए लोगों और बीजेपी नेताओं में अभी भी तालमेल बेहतर तरीके से बैठ नहीं पाया है। उपचुनाव से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया खुद ही पहल कर मेल-मिलाप बढ़ाने की तैयारी में हैं। पिछले दौरे के दौरान भी उन्होंने भोपाल में पूर्व सीएम उमा भारती से मुलाकात की थी। ऐसे में सांवेर और दूसरे सीटों पर अपने उम्मीदवारों की जीत पक्की करने के लिए वह बीजेपी नेताओं के साथ चर्चा करेंगे।

सबको साथ लेकर चलेंगे

बीजेपी में आने से पहले ही ज्योतिरादित्य सिंधिया में कुछ बदलाव दिखे थे। कांग्रेस छोड़ने से पहले भी वह विरोधी गुट के नेताओं से मेल-मिलाप कर रहे थे। अब बीजेपी में आने के बाद भी वह सभी खेमे के लोगों को साथ लेकर चलना चाह रहे हैं। भोपाल के बाद वह इंदौर में अब ताई और भाई के खेमे को साधेंगे।



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