गुना में विकास को मुुंह चढ़ा रहा कुंभराज - मृगवास के गांवों में फैला कुपोषण

जामोन्याखुर्द, मोतीपुरा, झिरी सहित कई गांवों में दलित गरीब महिलाओं को नहीं मिला बाल विकास विभाग की योजनाओं का लाभ

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गुना। (प्रदेश केसरी) चांचौड़ा विकासखंड अंतर्गत कुंभराज तहसील के ग्राम पंचायत सोलई और आसपास के गांव जामोन्याखुर्द मोतीपुरा आबाद, झिरी, सालरा खेड़ी, टांडी, सैवन्या, बांड्या बल्डा आदि के दलित बंजारा जाति की महिलाओं और युवतियों को शासन की योजनाओं का लाभ ही नहीं मिल रहा है। यहां बड़ी संख्या में महिलाओं व बच्चों में कुपोषण फैल रहा है। कूकड़ा बेह गांव की गुड्डीबाई बंजारा पत्नी हुकुम सिंह के अलावा ग्राम जमुन्या खुर्द, मजरा कूंकड़ाबेह सहित पूरे गांव में बंजारा जाति की महिलाएं व बच्चे पूरी तरह कुपोषण का शिकार हो रहें है। गुड्डीबाई दो बच्चों की मां है। उनकी गोदी में खेल रही 1 वर्ष की बच्ची भी पूरी तरह से कुपोषित है। जिसकी आंखें निकल रही है दांत बाहर आ रहे हैं। वहीं मां बेटी का वजन भी बहुत कम है। उक्त महिला को बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी केंद्र द्वारा अतिरिक्त पोषण आहार कभी भी नहीं दिया गया है। ना ही प्रसूति पूर्व मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 6000 रुपये का लाभ मिला है। यहां आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ कागजों में ही चल रहे हैं, जो कहीं न कहीं शासन की योजनाओं पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करतें है ।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा खाद्य सुरक्षा एक्ट 2013 की धारा 4 और 5 के अंतर्गत बच्चों, बालिकाओं, युवती, गर्भवती महिलाओं और धात्री महिलाओं को सुबह आंगनबाड़ी केंद्र में मीनू के अनुसार नाश्ता वह भोजन मिलता है। वहीं उक्त गांवों में गुड्डीबाई सहित अन्य महिलाओं को आज तक कोई ऐसा लाभ नहीं मिला है। आंगनबाड़ी केंद्र में प्रति सप्ताह बच्चों और महिलाओं को बाल आहार, हलवा, सांची दूध, बेसन के लड्डू बर्फी और सूखी खिचड़ी दी जाती है। मगर ग्रामीणों को आज तक यह चीजें नहीं मिली हैं। अधिनियम के अंतर्गत भारत सरकार की मातृ वंदना योजना के अंतर्गत महिलाओं को गर्भावस्था में 6000 मिलते हैं। कई महिलाओं ने बताया कि हमें 6000 रुपये कभी नही मिलें है। बहरहाल गांवों के हालात देखकर तो ऐसा लगता है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की जो योजनाएं राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत संचालन होती हैं वह सिर्फ उन सोने चांदी  के शोरूम जैसी हालत हो गई है। शासन की योजनाएं गरीबों को सिर्फ सुनने और देखने के लिए ही होती है उनका लाभ उन तक नहीं मिल पाता है।

इनका कहना है

- मेरी जानकारी में नहीं है। आपसे जानकारी मिली है तो मैं दिखवाता हूंं। ग्रामीणों के लिए जो भी योजनाएं हैं उनका लाभ दिया जाएगा। - डीएस जादौन, महिला बाल विकास अधिकारी गुना

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