मप्र के मलखंभ प्रशिक्षक योगेश मालवीय को मिलेगा द्रोणाचार्य अवार्ड

भोपाल। (प्रदेश केसरी) मध्यप्रदेश के उज्जैन के निवासी मलखंब प्रशिक्षक योगेश मालवीय का नाम इस वर्ष द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए घोषित किया गया है। भारतीय मलखंभ महासंघ के अध्यक्ष डॉ रमेश हिंडोलिया ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि महासंघ की ओर से भी केवल योगेश मालवीय का नाम ही भेजा गया था। उन्होंने बताया कि देश में मलखंभ के लिए यह पहला द्रोणाचार्य अवार्ड होगा। किसी भी खेल में प्रशिक्षक के रूप में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए द्रोणाचार्य अवार्ड दिया जाता है। योगेश के पिता महाकाल मंदिर के पास ही प्रेस और ड्राईक्लीन की दुकान चलाते थे। आर्थिक संकट के कारण योगेश बचपन से ही पिता की दुकान संभालने लग गए थे। धोबी घाट पर कपड़े धोने और प्रेस करने के साथ ही उन्होंने अपना मलखंभ का अभ्यास भी जारी रखा। साल 2006 में महाकाल क्षेत्र में ही उन्होंने पिता के साथ भक्ति भंडार की दुकान खोली और प्रशिक्षण देने के बाद यहां माला बेचने का काम भी किया।

खेल मंत्री श्रीमती सिंधिया दी बधाई 

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने योगेश मालवीय को इस उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। श्रीमती सिंधिया ने श्री मालवीय के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा है कि इस पारंपरिक खेल के प्रति उनकी लगन, निष्ठा और अनुशासन के कारण ही उन्हें यह मुकाम हासिल करने में सफलता मिली है । उन्होंने कहा कि राज्य शासन ने मलखंब को प्रोत्साहन देने के लिए इस खेल को राज्य खेल का दर्जा प्रदान किया है ।
खेल मंत्री ने कहा कि श्री मालवीय को मलखंब प्रशिक्षक के रूप में सराहनीय योगदान  के लिए वर्ष 2012 में मध्यप्रदेश शासन द्वारा विश्वामित्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2018 में भी राजपथ पर प्रस्तुत झांकी में उन्होंने मलखंब का शानदार प्रदर्शन कर प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर मध्य प्रदेश को गौरवान्वित किया था।
 खेल मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने अंतर्राष्ट्रीय पैरा तैराकी चैंपियन सत्येंद्र को तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवार्ड 2019 से सम्मानित होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि सत्येंद्र ने  पुनः मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। इसके पूर्व उन्होंने इंग्लिश चैनल को रिकॉर्ड समय में तैरकर एशियाई लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया था।

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