गुना में क्राईस्ट-वंदना सहित निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ पालकों ने सौंपा ज्ञापन

तीन दिन में नहीं हुआ निराकरण तो दिया जाएगा धरना

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गुना। (प्रदेश केसरी) शहर के क्राईस्ट, वंदना सहित निजी स्कूलों द्वारा ट्यूशन फीस के नाम पर की जा रही मनमानी के खिलाफ सोमवार को पालकों ने पीएम, सीएम, क्षेत्रीय सांसद के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया कि स्कूलों द्वारा फीस स्ट्रक्चर बदल-बदल कर डाले जा रहे है। आम लोगों को गुमराह कर ट्यूशन फीस के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। जब किसी भी पालक का बच्चा स्कूल में ट्यूशन पढऩे जाता ही नहीं है तो ट्यूशन फीस के नाम पर अवैध वसूली क्यों ? वहीं बच्चा ट्यूशन जिस किसी के यहां पढऩे जाता है जिसका मासिक शुल्क अधिकतम ट्यूटर 500 से 1000 प्रति माह प्रत्येक बच्चे से प्राप्त करता हैं। तब ऐसी स्थिति में शहर के क्राइस्ट, वंदना व अन्य स्कूल के ट्यूशन फीस स्ट्रक्चर को देखेंगे तो स्पष्ट रूप से दिखाई देगा की कक्षा -10 से प्रति 3 माह में 5400 ट्यूशन फीस के नाम पर अवैध रूप से वसूले जाते हैं। जिसका बच्चा स्कूल में ट्यूशन पढऩे जाता ही नहीं तब ऐसी स्थिति में एक मोटी रकम ट्यूशन फीस के नाम से वसूली जा सकती है।
ज्ञापन में कहा गया कि संपूर्ण देश में 22 मार्च 20 से मई 20 तक पूर्ण लॉक डाउन था। तब ऐसी स्थिति में अप्रैल से फीस वसूली वसूली क्यों ?
जबकि आज दिनांक 25 अगस्त 2020 तक फिजिकल रूप से बच्चों की क्लास शुरू नहीं की गई है। ऑनलाइन क्लासेज जुलाई के अंतिम सप्ताह से शुरू की गई है। तब ऐसी स्थिति में ऑनलाइन क्लासेज को लेकर कम खर्चों पर आधारित फीस की जा सकती है किंतु ट्यूशन फीस के नाम पर मोटी राशि वसूल नहींं की जा रही है। इसके अलावा परीक्षा के संबंध में अभी शासन द्वारा किसी भी प्रकार के निर्देश जारी नहीं किए हैं किंतु ऑनलाइन परीक्षा के लिए दबाव डाला जा है। वर्तमान समय में बच्चों को स्कूलो द्वारा 3-4 घंटे ऑनलाइन क्लासेस हो रही हैं। जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जबकि पीडीएफ एवं लिंक फाइलों के माध्यम से पढ़ाई कराई जानी चाहिए। ज्ञापन में कहा गया कि कक्षा 1 से कक्षा 5 तक ऑनलाइन क्लासेस पर शासन द्वारा पूर्ण प्रतिबंध है। इसके बावजूद भी स्कूलों द्वारा ऑनलाइन क्लासेस पढ़ाई जा रही है। जिससे सर्वदा बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पूर्व में सभी विद्यालयों द्वारा सत्र अप्रैल से प्रारंभ मानकर मार्च तक चलाया जाता था। जिससे अंतिम शुल्क जनवरी, फरवरी फाइनल एग्जाम के पूर्व जमा कराए जाते थे। लेकिन क्राइस्ट स्कूल द्वारा एक फीस स्ट्रक्चर में जनवरी तक एवं दूसरे में सितंबर तक तीसरे में नवंबर तक फीस जमा करने के लिए बाध्य किया जा रहा है। जो कि शासन के आदेशों का सीधा-सीधा उल्लंघन है।
ज्ञापन में कहा गया कि फीस स्ट्रक्चर में  बंदना स्कूल द्वारा एसएएफ एवं अन्य फीस जो अप्रैल में ली जाती थी। वह दिसंबर में ली जाना दर्शाया जा रहा है। वहीं कक्षा 11 में एडमिशन के लिए अप्रैल से फीस मांगी जा रही है। जबकि कक्षा 10वीं का रिजल्ट ही माह जुलाई 2020 में घोषित हुआ है। ज्ञापन में कहा गया कि विगत 2 दिवस से लगातार खबरों में आ रहा है कि श्री जुलानिया जी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश बोर्ड की नई शिक्षा नीति घोषित की जाएगी। जिसके अंतर्गत मप्र में ऑनलाइन कक्षाओं के लिए माह सितंबर से अनुमति प्रदान की जाएगी। ऐसे में गुना में वर्तमान में चलाई जा रही सभी ऑनलाइन कक्षाएं स्वत: ही अवैधानिक हो जाएंगी। क्योंकि नए सिलेबस के साथ नई शिक्षा नीति आ रही है ऐसे में हम से जबरन वसूली जा रही ट्यूशन फीस हम क्यों जमा करें। ज्ञापन में मांग की गई कि कोविड-19 के चलते पालको के द्वारा दिए गये इस ज्ञापन में उल्लेखित समस्याओं के संबंध में  3 दिवस के अंदर निराकरण किया जाए। अन्यथा दिनांक 1 सितंबर से शास्त्री पार्क गेट लक्ष्मीगंज गुना में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

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