राहुल और प्रियंका से मुलाकात के बाद सामने आए सचिन पायलट

लड़ाई पद की नही आत्म सम्मान की लिए थी-सचिन पायलट 

जयपुर। (प्रदेश केसरी) राजस्थान में लंबे समय से जारी सियासी संकट के बादल छंटने लगे हैं।सचिन पायलट कांग्रेस पार्टी के साथ सुलह करने के लिए तैयार हो गए हैं। सचिन पायलट ने सोमवार को राहुल और प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद उन्होंने प्रियंका गांधी को समय निकालकर उनकी और उनके विधायकों की बात सुनने के लिए विशेष तौर पर धन्यवाद दिया और उन्होंने कहा कि हमने सिद्धांतों के मुद्दे कांग्रेस नेतृत्व के समक्ष उठाये और अपनी शिकायतों के समयबद्ध निवारण के उनके आश्वासन का स्वागत करते हैं।
सचिन पायलट ने कहा, "सोनिया गांधी जी ने हमारी सभी चिंताओं और शासन के मुद्दों को सुना जो हमने उठाए। कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा 3 सदस्यीय समिति का गठन एक स्वागत योग्य कदम है। मुझे लगता है कि सभी मुद्दों को हल किया जाएगा।"
उन्होंने कहा, "कई बातें कही गईं, मैंने बहुत सी बातें सुनीं, जो कुछ कहा गया उससे मैं हैरान था। मुझे लगता है कि हमें हमेशा संयम और विनम्रता बनाए रखना चाहिए। राजनीति में व्यक्तिगत द्वेष के लिए कोई जगह नहीं है। हमने 5 साल की कड़ी मेहनत के बाद राजस्थान में सरकार बनाई थी।"
सचिन पायलट ने आगे कहा, "पार्टी हमें पद देती है और वापस भी ले सकती है। मुझे किसी पद की कोई इच्छा नहीं है, लेकिन मैं चाहता था कि हमारा स्वाभिमान बरकरार रहे। मैंने 18-20 साल तक पार्टी में योगदान दिया है। हमने हमेशा उन लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया है, जिन्होंने सरकार बनाने के लिए कड़ी मेहनत की।"

करीब 2 घंटे तक राहुल और प्रियंका से हुई सचिन पायलट की चर्चा

बता दें कि सोमवार को राजस्थान विधानसभा के 14 अगस्त से प्रस्तावित सत्र से कुछ दिनों पहले सचिन पायलट ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी के आवास पर इस मुलाकात में करीब दो घंटे तक चर्चा हुई। पायलट के करीबी सूत्रों का कहना है कि राजस्थान कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष ने पार्टी के दोनों शीर्ष नेताओं के समक्ष विस्तार से अपना पक्ष रखा और फिर दोनों ने उनकी चिंताओं के निदान का भरोसा दिलाया।
कांग्रेस ने सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया
गौरतलब है कि 14 अगस्त से राजस्थान विधानसभा का सत्र आरंभ होगा, जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बहुमत साबित करने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री गहलोत के खिलाफ खुलकर बगावत करने और विधायक दल की बैठकों में शामिल नहीं होने के बाद कांग्रेस आलाकमान ने पायलट को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री के पदों से हटा दिया था। बागी रुख अपनाने के साथ ही पायलट कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि वह भाजपा में शामिल नहीं होंगे।

Post a Comment

0 Comments