श्री कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी महोत्सव आज, जन्मभूमि से होगा सीधा प्रसारण

ब्रज नगरी में एक दिन पूर्व भी मनाया गया कान्हा का जन्मोत्सव 

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मथुरा। (प्रदेश केसरी) कान्हा के जन्म की शुभ घड़ी आ चुकी है। आज रात 12 बजे अजन्मे का जन्म होगा। लीलाधर की जन्मलीला से संसार भक्ति से सराबोर हो रहा है। हालांकि भक्त अपने आराध्य के जन्म को देखने के लिए मंदिरों में नहीं पहुंच सकेंगे लेकिन आज हर घर मंदिर के समान होगा। भक्तों की आस्था को देखते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि से लाला के जन्म का लाइव टेलीकास्ट  होगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर आज भगवान श्रीकृष्ण का 5247वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। 
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशी में ब्रज जगमग हो रहा है। हर तरफ श्रद्धा की बयार बह रही है। भले ही सड़कों पर रौनक नहीं हैं, लेकिन उल्लास सातवें आसमान पर है। भावनाओं में श्रद्धा का उफान है। प्रमुख मंदिरों के अलावा मोहल्लों के मंदिरों में सजावट हो रही है। होलीगेट की सजावट ठाकुरजी की भक्ति को बयान कर रही है। कान्हा के भक्त जन्मोत्सव में कोई कमी नहीं छोडऩा चाहते हैं।
कोरोनाकाल के कारण इस वर्ष श्रद्धालुओं के प्रवेश पर मंदिरों में प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बाद भी जन्मभूमि की सजावट अद्भुत नजर आ रही है। होलीगेट की सजावट नगर की सुंदरता को भव्य बना रही है। गली-मुहल्ले और घर-घर में सजावट की जा रही है। हर कोई मंदिर की आकर्षक सजावट करने में लगा है। यह सजावट ब्रज की आभा में चार-चांद लगा रही हैं। जन्माष्टमी पर श्रद्धालु व्रत रखकर सुख-समृद्धि की प्रार्थना कर रहे हैं। मंदिरों में भी कोरोना मुक्ति को भगवान से प्रार्थना की जाएगी। श्रद्धालुओं को जन्म के क्षण का इंतजार है। जन्मोत्सव को लेकर ब्रज के घर-घर में उल्लास छाया है।

नंदभवन में मनाया गया जनमोत्स्व, बाजी बधाइयां

नंदगांव में मंगलवार सुबह से ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशिया छाई थीं। यहां की हवा में भी भगवान श्रीकृष्ण की श्रद्धा की मिठास घुल गई। रात 12 बजे नंदभवन में जन्म लेते ही नंदगांव में नंद के आनंद भयै, जय कंहैयालाल के जयघोष गूंज उठे। मंदिर की मनोहारी छटा देखते ही बनी। कोरोनाकाल के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं दिया गया।
दोपहर में नंदगांव के गोस्वामियों ने मंदिर परिसर में गायन किया। शाम को बरसाना के गोस्वामी पारंपरिक परिधान धोती-बगलबंदी, दुपट्टा में सज-धजकर नंदगांव पहुंचे। कुछ देर बाद परिसर में नंदगांव-बरसाना के गोस्वामियों ने समाज गायन कर लाला के जन्म की बधाइयां गाईं। 'चलौ भैया हौ नंद महर घर बाजति आजु बधाई..., जायौ पूत जसोदा रानी गोकुल की निधि आई', बाजति बधाई सुनि आईं जुरि-जुरि, आंगन महर के नाचति मुरि-मुरि' के गायन से वातावरण झूम उठा। बरसाना से नंदगांव आए गोस्वामियों को बधाई में परंपरा को बचाए रखने के लिए लड्डू भेंट किए गए। रात नौ बजे के करीब भवन में ढांढ़ी-ढांढ़ींन लीला का मंचन पुरोहित द्वारा किया गया। मंचन में नंदबाबा की वंशावली का बखान किया गया। रात के 12 बजते ही मंदिर सेवायतों ने नंदलाला के श्रीविग्रह का अभिषेक किया। भगवान श्रीकृष्ण के नंदभवन में जन्म लेते ही नंदगांव नंद के आनंद भयौ जय कन्हैया लाल के जयकारों से गूूंज उठा। शंख, घंटे, घडिय़ाल, झांझ, मझीरा की ध्वनि से समूचा वातावरण झंकृत हो उठा। अभिषेक के बाद सेवायतों ने भगवान का श्रृंगार कर जैसे ही पर्दा हटाया, मंदिर में आस्था की बयार बह निकली। घरों की छतों से नंद के आंनद भयौ जय कन्हैया लाल की जयघोष वातावरण में गूंज उठे। कोरोना संक्रमण के कारण जो लोग मंदिर नहीं जा पाए थे, उन्होंने अपने घरों की छत पर खड़े होकर भगवान को नमन कर आशीर्वाद लिया। हर तरफ खुशियां ही खुशियां छा गईं। कन्हैया के जन्म लेते ही हर्ष और उल्लास छा गया।

नंदगांव में नंदोत्सव 

कान्हा के जन्मोत्सव के बाद बुधवार को नंदभवन में धूमधाम से जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान नंदगांव-बरसाना के गोस्वामियों के बीच संयुक्त समाज गायन, हास-परिहास, प्रतीकात्मक मल्ल युद्ध, दधि कांधौ, बांस बधाई, शंकर लीला का आयोजन किया जाएगा।

पुष्प वृंत पोषाक हुई ठाकुरजी को अर्पित

भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का उल्लास छाने लगा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि जन्म की खुशी होने की खुशी में झूम रही है। मंगलवार को पोशाक अर्पित की गई तो जन्मभूमि बैकुंठ बन गई। मानो सभी देवी-देवता जन्मोत्सव में शामिल होने को आ गए हैँ।
पोशाक अर्पित करने के लिए संस्थान के सदस्य केशव देव मंदिर से ढोल, नगाड़े, झांझ-मजीरे के साथ संकीर्तन करते हुए निकले। पोशाक, मकुट, श्रृंगार, मोर्छलासन, कामधेनु गाय की प्रतिकृति, रजत कमल के भी दर्शन होंगे। भगवान राधाकृष्ण को नवरत्न जडि़त स्वर्ण कंठा धारण कराया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म महोत्सव में बुधवार को ठाकुरजी जिस अनूठी और दिव्य पुष्प वृंत पोषाक को धारण करेंगे, ऐसी दिव्य पोषाक आज उद्दाम हरिनाम संकीर्तन के मध्य भागवत भवन में श्रीराधाकृष्ण युगल सरकार के श्रीचरणों में अर्पित की गई है। स्वर्ण मंडित रजत कामधेनु गाय, रजत कमल.पुष्प, भगवान के आभूषण आदि के दर्शन भी कराए गए। भगवान की पोषाक सेवा श्रीकृष्ण जन्ममहोत्सव समिति के द्वारा की गई।

कृष्ण जन्‍मस्‍थान पर पहुंचे महंत नृत्‍यगोपाल दास

इस बार जन्‍माष्‍टमी पर्व दो दिन का मनाया जा रहा है। कृष्‍ण जन्‍मस्‍थान पर जन्‍माष्‍टमी 12 अगस्‍त को मनाई जाएगी। महंत नृत्‍यगोपाल दास तीन नदियों के जल से आराध्‍य की जन्‍मलीला को सम्‍पन्‍न कराएंगे।श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास मंगलवार शाम मथुरा पहुंच गए हैं। वे अपने साथ सरयू नदी का पावन जल लेकर आए हैं। इस बार कृष्‍ण जन्‍मस्‍थान पर कान्‍हा का तीन नदियों के जल से अभिषेक होगा। महंत नृत्‍य गोपाल दास ने बातचीत में कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बना, मथुरा में तो मंदिर और मस्जिद का विवाद सुलटा हुआ है। इसे क्या सुलटाना। उन्होंने कहा कि मथुरा में मस्जिद अपनी जगह है, मंदिर अपनी जगह है। यहां आंदोलन की क्या जरूरत है। मथुरा और अयोध्या तो सिद्धपुरी है। यहां तो सब सुलटा हुआ है। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर कान्हा का अभिषेक करने को सरयू का जल लेकर आए महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि सरयू का जल दिव्य जल है। राम मंदिर का शिलान्यास हो गया। समझो निर्माण प्रारंभ हो गया। उन्होंने कहा कि कृष्ण की भक्ति कर निष्काम कर्मयोग, माता-पिता की सेवा करें।

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