अंधविश्वास: सर्पदंश से मरे बुजुर्ग को जिंदा करने के नाम पर घंटों तक चलता रहा झाड़-फूंक का ड्रामा

मुर्दा को जिंदा करने के इंतजार में जिला अस्पताल में जमा हुई भारी भीड़

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गुना। (प्रदेश केसरी) आधुनिक चिकित्सा के युग में गंभीर बीमारियों का इलाज संभव है। इसके बावजूद लोग अब भी झाडफ़ूंक के चक्कर में फंसे हुए हैं। सर्पदंश का शिकार एक बुजुर्ग की डॉक्टरों द्वारा मौत होने की पुष्टि के बावजूद जिला अस्पताल में उसे जिंदा करने के लिए घंटों तक झाड़-फूंक का ड्रामा चलता रहा। जब काफी मशक्कत के बाद मुर्दा में जान नहीं आई तो परिजन उसे अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
दरअसल गुना जिलें के म्याना थानांतर्गत ग्राम नारायणपुरा निवासी 60 वर्षीय नाथूलाल पिता शिवलाल बंजारा बुधवार सुबह 8 बजे के करीब अपने खेत पर सोयाबीन में दवाई देने गए थे। यहां खेत में काम करते समय उसे जहरीले सांप ने डस लिया। जिसके बाद परिजनों ने उन्हें पहले तो गांव के जानकारों से झाडफ़ूंक कराई। जब आराम नहीं मिला तो 11 बजे के करीब नाथूलाल को परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन तब तक उसने दम तोड़ दिया था। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका परीक्षण कर मृत घोषित कर दिया। लेकिन उसके बाद भी परिजनों का अंधविश्वास खत्म नहीं हुआ। स्ट्रेचर पर पड़ी लाश को जिंदा करने परिजनों ने तांत्रिक जानकारों को बुला लिया। इस दौरान मौके पर पहुंचे एक व्यक्ति ने नीम की पत्तियों का झाड़ लेकर घंटों तक झाडफ़ूंक करता रहा। बीच-बीच में जानकार मृतक के कानों में मंत्र बुदबुदाता रहा। अंधविश्वास में डूबे घर वाले भी आस लगाकर वहां टकटकी लगाए बैठे रहे। बीच में परिजनों ने एक अन्य जानकार को वीडियो कॉलिंग कर मुर्दा में जान डलवाने की भी कोशिश की। इस दरम्यान मुर्दा को जिंदा होने के इंतजार में जिला अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में भीड़ भी जुट गई। इस दौरान पुलिस भी मौके पर खड़े होकर तमाशा देखती रही। घंटों तक तंत्रमंत्र के जतन के बाद जब मृत शरीर में  कोई हरकत नहीं हुई तो थक-हारकर परिजन शव का अंतिम संस्कार करने अपने साथ गांव ले गए।

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