अगलें तीन साल में प्रदेश बनेगा आत्मनिर्भर

मोदी जी देंगे 12 हजार करोड़- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 

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ग्वालियर। (प्रदेश केसरी) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह आने वाले तीन साल में प्रदेश को आत्मनिर्भर बना देंगे। उन्होंने कहा कि 10 से 12 हजार करोड़ आत्मनिर्भर भारत के तहत केंद्र सरकार प्रदेश को देने वाली है। कोरोना काल में टैक्स नहीं आ रहे हैं, लेकिन हमने 2200 करोड़ रुपया फसल बीमा का प्रीमियम जमा करके 3100 करोड़ रुपये किसानों के खाते में जमा करवाया। सितंबर के पहले सप्ताह में 4500 करोड़ उनके के खाते में और डाले जाएंगे, सीएम शिवराज ने ग्वालियर में भाजपा के सदस्यता ग्रहण समारोह में यह वादे जनता से किए।
कार्यक्रम में शिवराज ने कांग्रेस से बीजेपी में आए कार्यकर्ताओं से कहा कि आप लोग पार्टी में नहीं, परिवार में आए हैं।
हालांकि इस दौरान शिवराज ने कांग्रेस आलाकमान पर तंज कसे बिना नहीं रह सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में एक ही परिवार के लोग आपस में राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद ले लेते हैं।

सिंधिया ने स्वीकारा कांग्रेस का चैलेंज, गले से उतार फेंका 'कांग्रेसी दुपट्टा'

वहीं सिंधिया को लेकर सीएम ने कहा कि महाराज की वजह से 2018 में गई हमारी कुर्सी 2020 में वापस मिल गई। हमने सोचा नहीं था 15 महीने में मिल जाएगी। शिवराज ने कहा कि कमलनाथ सरकार अहंकार में थी, अहंकार तो रावण तक का नहीं रहा तो इनका कहां तक रहता। सीएम ने दिग्विजय सिंह का बिना नाम लिए कहा कि वो जहां जाते हैं वहां बंटाधार करते जाते हैं। शिवराज ने कहा कि चंबल एक्सप्रेस वे को अब अटल बिहारी वाजपेयी प्रोग्रेस वे के नाम से जाना जायेगा। यह केवल सड़क नहीं होगी, बल्कि मुरैना, भिंड, श्योपुर के विकास का नया अध्याय लिखेगी।
जबकि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कमलनाथ जी ने जनता से झूठ बोला और विश्वासघात किया, इसी का परिणाम है कि कांग्रेस सरकार चली गयी। उनके झूठे प्रलोभनों को जनता अब जान चुकी है इन उपचुनावों में जनता कांग्रेस को वोट की चोट से करारा जवाब देगी।
वहीं सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने जनता के साथ जमकर वादाखिलाफी की मैं पूछना चाहता हूं कि 15 माह के मुख्यमंत्री कमलनाथ कभी जनता से मिलने क्यों नहीं गये ? आज जनता के पास मौका है कि भ्रष्टों को सबक सिखाये। सिंधिया ने कहा कि वल्लभ भवन मध्यप्रदेश के लोकतंत्र के मंदिर से कम नहीं है उस मंदिर को कमलनाथ जी ने दलाली का अड्डा बना दिया। जनता के साथ विश्वासघात और छल किया, मेरे लिये यह असहनीय था, इसलिये भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने के लिये मैने फैसला लिया।

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