बमौरी क्षेत्र में प्रशासन की बैठक में आदिवासियों नेताओं पर हमला के विरोध में लामबंद हुआ आदिवासी समाज

घटना के दस दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर सौंपा ज्ञापन

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गुना । (प्रदेश केसरी) जिले के बमोरी थानांतर्गत ग्राम पाटन में विगत 10 अगस्त को हुई राजस्व, वन विभाग के साथ ग्रामीणों की बैठक में आदिवासी जनप्रतिनधियों के साथ हुए जानलेवा हमले और अभद्रता के विरोध में गुरुवार को आदिवासी समाज द्वारा कलेक्टोरेट पहुंचकर जिलाधीश के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें क्षेत्र के आदिवासियों की जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा करने एवं उक्त घटना के दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई । ज्ञापन में आदिवासी समाज ने कहा कि  जिले में लगातार आदिवासियों पर अन्याय हो रहा है। जिसमें शासन एवं प्रशासन प्रत्यक-अप्रत्यक्ष रूप से दबंगों का सहयोग करती है। जिले का आदिवासी 99 फीसदी जंगल में निवास करता है। वर्तमान में वनाधिकार देने के लिए सर्वे चल रहा है। उक्त वनाधिकार के सर्वे के चलते गैर आदिवासी समाज के दबंग लोगों द्वारा जंगल की कटाई की जा रही है। बड़ी संख्या में वन विभाग की जमीन पर कब्जा हो रहा है। जिसकी जांच कराना चाहिए। राजनीतिक प्रभाव के चलते दबंग प्रवृत्ति के लोग आदिवासियों की जमीन भी हड़पने का कार्य कर रहे हैं। लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते गरीब आदिवासी की आवाज दबा दी जाती है। जब किसी समाज के व्यक्ति द्वारा आदिवासियों के हितों की आवाज उठाई तो उसकी हत्या का प्रयास किया जाता है। जिसका जीवित उदाहरण 10 अगस्त को राजस्व एवं वन विभाग द्वारा ग्राम पाटन में हुई घटना है।
ज्ञापन में उक्त घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उक्त बैठक में जिले के आला अधिकारियों की उपस्थिति में आदिवासी सरपंच कलसिंह पटेलिया, माखन पटेलिया, रूप सिंह पर क्षेत्र के दबंग मनोज धाकड़, पूरन धाकड़, मुरारी धाकड़ आदि के नेतृत्व में सैकड़ों की भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया था। सामाजिक दंगा कराने के उद्देश्य से यह लोग भीड़ को वन चौकी के मैन गेट पर ले आए और उसे तोडऩे का प्रयास किया। यह उग्र भीड़ जान लेने पर आमदा थी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन मूक दर्शक बना रहा। किसी तरह आदिवासी नेता अपनी जान बचाकर गांव वापस आए। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस और प्रशासन ने आरोपियों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की। जिसके चलते आरोपियों के हौंसले बुलंद हैं। राज्यपाल के नाम सौंपे ज्ञापन में आदिवासी समाज ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई कर न्याय की मांग की।



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