सार्थक लाइट एप में लापरवाही बरतने पर शहर की दो निजी अस्पताल सील

संजीवनी और बालाजी अस्तपाल में ईलाज कराने के बाद भोपाल पहुंचा युवक निकला कोरोना पॉजीटिव

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गुना। (प्रदेश केसरी) कोविद-19 महामारी से निपटने के लिए जरूरी बना सार्थक लाइट एप डाउनलोड नहीं करने के मामले में शहर की दो निजी अस्पतालों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां एक मरीज ने शहर की संजीवनी हॉस्पिटल और बालाजी हॉस्पिटल में ईलाज कराकर भोपाल ईलाज कराने पहुंचा। यहां उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई। लेकिन शहर की दो-दो अस्पताल में ईलाज कराने के बावजूद दोनों अस्पताल प्रबंधकों ने इसकी जानकारी सार्थक एप में अपलोड करना तो दूर एप को डाउनलोड तक नहीं किया था। इतनी बड़ी लापरवाही को देख कलेक्टर कुमार पुरूषोत्तम ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुए दोनों अस्पतालों को तीन-तीन दिन के लिए पूरी तरह सील कर दिया है। इस मामले में कलेक्टर श्री पुरूषोत्तम ने जिलेभर की निजी अस्पताल प्रबंधकों को सख्त हिदायत देते हुए सार्थक लाईट एप पर संबंधित संदिग्ध मरीजों की जानकारी हर हाल में अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में कलेक्टर श्री पुरूषोत्तम ने रविवार को सभी अस्पताल संचालकों की बैठक बुलाई है।
दरअसल मामले के अनुसार जिले में दो नए कोरोना पॉजिटिव आए हैं। इनमें एक व्यक्ति गांव का है, तो दूसरा शहर का निवासी है। इलाज करने वाले दोनों अस्पताल सील किए गए हैं। सीएमएचओ पी.बुनकर ने जिले के ग्राम परसोदा का व्यक्ति गुना की संजीवनी अस्पताल में इलाज कराने 2 अगस्त को गया था। 3 अगस्त को यह व्यक्ति गुना की बालाजी अस्पताल बीजी रोड इलाज कराने पहुंचा। इसके बाद गुना से निकलकर यह व्यक्ति इलाज कराने 4अगस्त को भोपाल पहुंचा। वहां पर जांच में यह कोरोना संक्रमित पाया गया। यह व्यक्ति भोपाल से वापिस 5 अगस्त की रात को गुना आया तो इसे जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। एहतियात के तौर पर इस व्यक्ति का इलाज करने वाले दोनों अस्पतालों को 3-3 दिन के लिए सील किया गया है। दोनों अस्पताल पर कोविड-19 का स्टीकर लगाया गया है। इसके अलावा राधा कॉलोनी निवासी एक अन्य व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। उक्त जांच रिपोर्ट गुना की टू-नॉट मशीन पर रात में की गई थी। पॉजीटिव आने पर उस व्यक्ति को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।

इनका कहना है

- सभी अस्पताल संचालकों एवं मेडिकल विक्रेताओं को सार्थक लाईट एप डाउनलोड करना आवश्यक है। इस एप के अच्छे परिणाम आ रहे हैं। आज हम इस स्थिति में पहुंच चुके हैं कि मरीज को जल्द ट्रेक कर उसका समय पर ईलाज किया जा रहा है। परंतु कल दो घटनाएं सामने आई है। जिसमें एक मरीज ऐसा सामने आया है जो ईलाज के लिए शहर के दो अस्पतालों में भर्ती हुआ और फिर भोपाल ईलाज कराने चला गया। यहां उसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई। इस दौरान गुना में दोनेां अस्पताल संचालकों ने सार्थक एप डाउनलोड नहीं कर रखा था। वो कितने लोगों के संपर्क में आया है इसका हमें पता नहीं, हम इसकी जानकारी एकत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन दोनों अस्पताल संचालकों ने निर्देशों का पालन नहीं किया है। जिन्हें तीन दिन के लिए सील किया गया है। - कुमार पुरूषोत्तम, कलेक्टर गुना

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