महिला के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों पर पुलिस का रहम, उल्टे नाबालिक बच्चे को भेजा जेल

गुना। (प्रदेश केसरी) जिले की झागर चौकी अंतर्गत आने वाले ग्राम परवाह में विगत हुए एक ही परिवार के पारिवारिक विवाद में महिला और उसके दो बेटों के साथ लाठी, डंडों से जमकर मारपीट की गई। यही नहीं माँ-बेटों को सास-ससुर और देवर-देवरानियों ने एक राय होकर पटक-पटक कर लात-घूसे और लाठियों से मारपीट करते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियों में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद भी झागर पुलिस ने उक्त विवाद में लहुलूहान हुए माँ-बेटों की एक नहीं सुनी और न ही महिला का मेडीकल कराया गया। उल्टा पुलिस ने फरियादियों पर ही मामला दर्ज कर उसके नाबालिक बच्चे को ही जेल भिजवा दिया। जबकि नियमानुसार उसे बच्चा जेल यानि किशोर सुधार गृह में भेजना चाहिए। इस तरह झागर चौकी प्रभारी महेन्द्रसिंह चौहान ने मनमानी करते हुए गुनहगारों को ही अभयदान दे दिया।
मामले के अनुसार विगत दिवस झागर चौकी प्रभारी श्री चौहान ने मनमर्जी पूर्वक चलने वाले अपने रवैए से माँ-बेटों पर कहर बरपाने वाले गुनहगारों को सांठगांठ कर छोड़ दिया गया। वहीं उस बेचारी माँ खून से लथपथ होकर बेटे घायल अवस्था में बिलखते रहे जो अपने साथ बीती घटना की फरियाद लेकर थाने पहुंचे थे कि उल्टे उस मासूम को ही सलाखों के अंदर डाल दिया।

ये है पूरा मामला

पूरा मामला ये है कि परवाह निवासी चंद्रमोहन किरार और उसकी पत्नी अनीता बाई को वर्षों पहले पिता श्रीनंदन किरार ने अपने बेटा-बहू को जमीन जायदाद के चक्कर में घर से बेदखल कर दिया। ऐसे में वह दम्पति गुना आकर मेहनत-मजदूरी करके अपने बच्चों का पेट-पालन लगे। इधर श्रीनंदन किरार ने अपने दो बेटे लखन और राधामोहन के नाम सारी जमीन-जायदाद नाम करा दी। इस बीच अनीता बाई पत्नी चंद्रमोहन किरार और उसके बेटे परमानंद, रोहित और अरूण किरार को गांव जाकर अपने घर से पुराना सामान लेने गए थे कि दादी लीलाबाई, दादा श्रीनंदन किरार, चाचा लखन, राधा मोहन और उनकी पत्नी किरण व रीना बाई ने एक राय होकर माँ-बेटों पर लाठी, डण्डों और लात-घूसों से मारना-पीटना शुरू कर दिया। परिवार की इस बर्बरता में तीनों माँ-बेटों को जमकर घायल कर दिया और फरियादी अरूण किरार जिसने पुलिस को फोन पर घटना की सूचना दी, कितु पुलिस नही पहुंची और जब वह थाने पहुंचा तो उसे ही सलाखों के अंदर कर दिया।

इनका कहना है

मामला पारिवारिक जमीन-जायदाद के चलते पैदा हुआ है। पीडि़तों ने आवेदन दिया है जिसकी सूक्ष्मता से जांच हो सके, इसके लिए हमने एसडीओपी को जांच करने के निर्देश दिए हैं। - टीएस बघेल, एएसपी गुना

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