नाबालिगा का वीडिया बनवाकर पत्रकारों पर लगवाए आरोप

लामबंद पत्रकारों ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर की सीएसपी और एसआई  पर कार्रवाई की मांग


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गुना। (प्रदेश केसरी) शहर की एक नाबालिगा के कथित वायरल होते वीडियो में पत्रकारों  पर लगाए झूठे आरोपों के खिलाफ लामबंद पत्रकारों ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पत्रकारों ने मामले में संदिग्ध भूमिका निभा रहीं सीएसपी नेहा पच्चीसिया और उप निरीक्षक  चंचल तिवारी की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। दरअसल विगत दिवस सोशल मीडिया पर नई बस्ती कुसमोदा गुना निवासी एक 17 वर्षीय नाबालिगा के दो अलग-अलग वीडियो वायरल किए गए हैं। नाबालिगा के ये दोनों वीडियो सीएसपी कार्यालय में उक्त दोनों पुलिस अधिकारियों द्वारा शूट किए गए हैं। इनमें से एक वीडियो में इनकी आवाजें साफ सुनाई दे रही हैं, जो कि नाबालिगा से जिले के प्रतिष्ठित पत्रकारों विकास दीक्षित और विनोद कुशवाह के सम्बन्ध में पूछताछ कर सूचक प्रश्न पूछ रही हैं। इस वीडियो में नाबालिगा से आरोप लगवाया गया है कि दोनों पत्रकारों ने उससे 10 हजार रुपए लिए। यह आरोप भी लगवाया गया कि उप निरीक्षक चंचल तिवारी पर रुपए लेकर उसे डराने धमकाने सम्बन्धी नाबालिगा का एक माह पूर्व सामने आया वीडियो भी दोनों पत्रकारों ने ही बनाया था। 
ज्ञापन में कहा गया कि उक्त दोनों महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा नाबालिगा को सिखा पढ़ाकर और उससे रिहर्सल करा कर ये दोनों वीडियो बनाए हैं। दूसरे वीडियो में नाबालिगा से पत्रकारों के नाम के साथ साथ चैनल का विवरण भी कहलवाया गया है, और बारह हजार रुपए पत्रकारों को देने की बात कहलवाई गई। जबकि एक वीडियो में पत्रकारों को 10 हजार रुपए देने की बात नाबालिका से कहलवाई गई थी। दोनों वीडियो में नाबालिगा द्वारा कहीं जा रही बातों में भारी विरोधाभास है। जबकि वास्तविकता में मामला यह था कि 24 अक्टूबर को वकील सीपी राव की क्लाइंट के रूप में उक्त नाबालिगा ने अपने वकील की उपस्थिति में अपने साथ रेप होने और मां व भाई पर प्रताडऩा देने के आरोप लगाए थे। जिस पर पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने के समाचार प्रकाशित हुए थे। तत्समय नाबालिगा द्वारा सब इंस्पेक्टर पर भी आरोप लगाए गए थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद ही कैंट थाना पुलिस ने नाबालिगा की शिकायत पर नाबालिगा की मां के विरुद्ध मामला दर्ज हुआ था।
ज्ञापन में कहा गया कि सीएसपी नेहा पच्चीसिया पूर्व में भी गुना जिले में पदस्थ थीं जिनका शिकायतों के बाद स्थानांतरण होशंगाबाद आईजी ऑफिस में किया गया था। लेकिन इन्होंने राजनीतिक अनुशंसा पर फिर से अपना ट्रांसफर गुना में करा लिया। सीएसपी नेहा पच्चीसिया पत्रकार विकास दीक्षित से उनकी खबरों के कारण विद्वेष रखती हैं, इसीलिए उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर इंस्पेक्टर चंचल तिवारी के साथ मिलकर कपटपूर्वक नाबालिगा को बहलाया फुसलाया और उसे सिखा पढ़ाकर पत्रकारों की छवि धूमिल करने वाले वीडियो बना लिए, ताकि बाकी पत्रकार भी भयभीत हो जाएं। ज्ञापन में उक्त नाबालिका की पहचान उजागर करते हुए उसके वीडियो वायरल करने पर दोनों अधिकारियों द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करने पर कार्रवाई की भी मांग की गई। इस संबंध में एक ज्ञापन उप जिला निर्वाचन अधिकारी आरबी सिण्डोस्कर को भी सौंपा गया।

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