मध्यस्थता अहिंसक तरीकों से मामलों को हल करने का विकल्प- श्री कोष्टा

गांधी-शास्त्री जंयती पर हुआ मध्यस्थता जागरूकता शिविर का आयोजन

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गुना। (प्रदेश केसरी) मध्यस्थता अहिंसक तरीकों से मामलों को हल करने का सुगम विकल्प है। किसी भी मामले में सर्वप्रथम बातचीत, मध्यस्थता, सुलह व समझौता एवं वैकल्पिक न्यायिक समाधान एवं अन्य शांतिपूर्ण तरीके अपनाये जाने चाहिए। तभी हम गांधी जी द्वारा बताए गए मूल्यों को समझने और उन पर अग्रसर होने में सफल होंगे। उक्त विचार जिला न्यायाधीश आरके कोष्टा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर न्यायालय परिसर गुना के गांधी हॉल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गुना द्वारा आयोजित किए गए मध्यस्थता जागरूकता शिविर में व्यक्त किए। कार्यक्रम के प्रारंभ में परिसर में उपस्थित अधिकारी, अधिवक्ता एवं कर्मचारियों द्वारा गांधी एवं शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। उक्त कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश प्रदीप मित्तल, सचिव अधिवक्ता संघ वीरेन्द्र सिंह सिसौदिया, अपर जिला जज संजय चतुर्वेदी, एके मिश्र, आरपी जैन, हर्ष सिंह बहरावत, सीजेएम कौशलेन्द्र सिंह भदौरिया, न्यायिक मजिस्ट्रेट एकके वर्मा, तनवीर खान, सुनील खरे, भूपेन्द्र सिंह कुशवाह, नितिन वर्मा, प्राची पाण्डेय, प्रत्युश चतुर्वेदी, ऋचा द्विवेदी, प्रीति परिहार, मानवेन्द्र सिंह यादव सहित अन्य न्यायाधीश, जिला विधिक सहायता अधिकारी दीपक शर्मा, जिला नाजिर बालकृष्ण शर्मा, नायब नाजिर गुरूदयाल बैरागी, कैलाश कुशवाह, अमृतराव भौसलें आदि उपस्थित थे।

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