हत्या के मामले में 17 वर्षों से फरार पति-पत्नी पुलिस के हत्थे चढ़े

नाम बदलकर मंडीदीप में कर रहे थे नौकरी, जमीन बेचने आए पुलिस के जाल में फंसे


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गुना। (प्रदेश केसरी) कहते है कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में पाप करने वाला कोई भी हो पर ऊपर वाले से बच नहीं सकता है। ऐसा ही वाक्या जिले के जामनेर थानांतर्गत हुआ जब हत्या के मामले में फरार दो स्थाई वारण्टी पुलिस के हत्थे चढ़े। पुलिस द्वारा हत्या के मामले में फरार स्थाई वारंटी पति-पत्नी को गिरफ्तार किया। गौरतलब है कि वर्ष 2003 मे ग्राम झरपई मे हुई हत्या के मामले मे तीन आरोपीगण मोहन सिह मीना, सीमा बाई मीना व राजकुमार फरार चल रहे थे। जिनमे से आरोपी राजकुमार की मृत्यु हो गई है, एवं शेष आरोपी मोहन सिह मीना व सीमा बाई मीना को एक बार पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन दोनों आरोपियों के जमानत के बाद फरार होने पर जिनके खिलाफ न्यायालय द्वारा स्थाई वारंट जारी किए गए थे। दोंनो आरोपी पति-पत्नी अपना गांव छोड़कर मंडीदीप भोपाल मे किराये का मकान लेकर रहने लगे एवं मंडीदीप की फैक्ट्री मे नाम बदलकर नौकरी करने लगे। वारंटी बहुत ही चालाक थे जो अपने रिश्तेदारो एवं गांव वालों को अपने रहने का ठिकाना नहीं बताते थे। कई सालों से परिवार व रिश्तेदारियों से दूरिया बना ली थी। जामनेर थाना प्रभारी द्वारा उक्त स्थाई वारण्टियों के संबंध मे पूरी कुंडली तैयार की गई। जिससे पुलिस को पता चला कि आरोपीगण अपने गांव के पास वाले गांव मे स्थित अपनी जमीन को बेचना चाह रहे थे। इस बात की भनक थाना प्रभारी कृपाल सिह परिहार को लग गई थी तभी से उक्त बिंदु को चिन्हित कर लिया था और निगाह रखी गई। रविवार प्रात: सूचना मिली कि पति पत्नी दोनो भोपाल मंडीदीप से मधूसुदनगढ होते हुये झरपई आने वाले है। थाना प्रभारी कृपालसिह परिहार मय अपनी टीम को साथ लेकर मधूसुदनगढ बस स्टेण्ड पर खड़े हो गये। जैसे ही बस से दोनो पति पत्नी उतरे तो पुलिस फोर्स की मदद से उन्हे घेरकर गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी में टीआई श्री परिहार, चन्द्रभान, शिवराज सिह, देवेन्द्र सिंह कुशवाह, विजय सिह परिहार, महेश बंजारा, रंजिता एवं  महिपाल सिंह की सराहनीय भूमिका रही।

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