कमलनाथ ने इमरती देवी को बताया आइटम, तो विफरें सिंधिया व शिवराज

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने भी अपने संबोधन में कहा जलेबी


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ग्वालियर। (प्रदेश केसरी) मध्य प्रदेश में उपचुनाव से पहले बयानबाजी का दौर अपने चरम पर पहुंच चुका है। ऐसे में नेताओं के जुबान फिसलने का सिलसिला भी जारी है। इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रविवार को ग्वालियर ज़िले की डबरा विधानसभा में जनसभा को संबोधित करते हुए महिला बाल विकास मंत्री इमरती देवी को आइटम बता दिया। इस बयान के बाद भाजपा हमलावर हो गई है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसे महिलाओं का अपमान बताया है। वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी ट्वीट के जरिए कमलनाथ पर निशाना साधा है।
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए कहा कि इमरती देवी उस गरीब किसान की बेटी का नाम है जिसने गांव में मजदूरी करने से शुरुआत की और आज जनसेवक के रूप में राष्ट्रनिर्माण में सहयोग दे रही हैं।
कांग्रेस ने मुझे 'भूखा-नंगा' कहा और एक महिला के लिए आपने 'आइटम' जैसे शब्द का उपयोग कर अपनी सामंतवादी सोच फिर उजागर कर दी। खुद को 'मर्यादा पुरुषोत्तम' बताने वाले ऐसी 'अमर्यादित भाषा' का प्रयोग कर रहे हैं ? नवरात्रि के पावन पर्व पर देश नारी की उपासना कर रहा है, ऐसे में आपके बयान से आपकी ओछी मानसिकता झलकती है। बेहतर होगा कि आप अपने शब्द वापिस लें और इमरती देवी सहित प्रदेश की हर बेटी से माफी मांगें।

मुख्यमंत्री सोमवार को रखेंगे मौन व्रत 


एक ट्वीट के माध्यम से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि "मन आज वेदना से भरा हुआ है। एक महिला जो मज़दूर के रूप में संघर्ष करते हुए मंत्री के पद तक पहुँची हैं, उनके लिए कमलनाथ जी ने  अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया।
कल मैं महात्मा गांधी जी की प्रतिमा के नीचे मौन व्रत रखूंगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने जो अपमान किया उसका प्रायश्चित मैं करूंगा।"

वहीं राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी ट्वीट के जरिए कमलनाथ पर हमला करते हुए कहा कि एक गरीब और मजदूर परिवार से आगे आईं दलित नेता इमरती देवी को आज डबरा में आइटम और जलेबी कहना अत्यंत निंदनीय और आपत्तिजनक है - ये कमलनाथ की मानसिकता को भी दर्शाता है। महिलाओं के साथ ही समूचे दलित समाज का अपमान करने वाले ऐसे मगरूर नेता को सबक सिखाने का समय आ गया है

 

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