चार दशकों से पुल के इंतजार में बांसाहेड़ाखुर्द के ग्रामीण

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गुना। (प्रदेश केसरी) जिले के आखिरी छोर राजस्थान सीमा पर बांसाहेड़ा खुर्द के नजदीक से निकलने वाली अंडेरी नदी जो कि राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के आवागमन को जोड़ती हैं। इस नदी से होकर 12 महीने मप्र के कुंभराज तहसील के लगभग 40 से 50 गांवों के 2 पहिया एवं 4 पहिया वाहनों का आना जान रहता है। बांसाहेड़ा के आसपास के गांवों की अधिकतर रिश्तेदारी भी राजस्थान में है। जिन्हें इसी नदी से होकर गुजरना पड़ता है। बांसाहेड़ा से कुंभराज 40 किमी दूर होने के कारण किसानों को खाद बीज एवं दैनिक उपयोग की सामग्री के लिए हाट ,बाजार के लिए राजस्थान के हरनावदा, छीपाबडौद, छबड़ा, अकलेरा आदि बड़ेे बाजारों में जाना होता है। यहां से 30 किमी दूर धार्मिक स्थल खामखेड़ा धाम है। आये दिन इसी रास्ते से होकर पैदल  श्री हनुमान जी का झंडा लेकर भक्त हमेशा निकलते  रहते है। बरसात में भी बाढ़ के बावजूद लोग नदी से होकर अपनी जान जोखिम में डालकर निकलते है। इस नदी पर पुल नहीं होने के कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासी लंबे समय से चांचौड़ा विधानसभा के लॉगिन द्वारा जनप्रतिनिधियों से पुल की मांग करते आ रहे हैं। यहां के लोग लगभग 30-40 साल से पुलिया की मांग करते आए हैं। लेकिन आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने यहां आश्वासन के अलावा कुछ नही किया है, जबकि समस्या चार दशक से बनी हुई है पर अभी तक पुल नहीं बन पाया।

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