कांग्रेस से डमी उम्मीदवार खड़ा कराना चाहते थे, फेल हो गए तो खीझ के आपत्ति लगवाई- के.एल. अग्रवाल

विकास का दावा करते हैं तो दत्या बांध-राई बांध क्यों रुकवाए गये ?


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गुना। (प्रदेश केसरी) कांग्रेस प्रत्याशी कन्हैयालाल अग्रवाल ने भाजपा प्रत्याशी महेंद्र सिंह सिसौदिया और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने दोनों ही नेताओं को विकास के नाम पर जनता के साथ धोखा करने वाला बताया। विकास कार्यों को अवरूद्ध करने का आरोप लगाते हुए साक्ष्य भी प्रस्तुत किये हैं। अग्रवाल ने शनिवार के दिन अपने नामांकन पर लगाई गई आपत्ति को सुनियोजित बताते हुए इसके पीछे के कई कारण बताए हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी कन्हैयालाल अग्रवाल ने खुलासा किया कि बमौरी विधानसभा को बम्होरी मध्यप्रदेश शासन की वेबसाइट पर भी लिखा जाता है। विधानसभा के नाम को लेकर कहीं भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। केवल अंग्रेजी का शब्द निर्धारित है। लेकिन उनके नामांकन को खारिज कराने का असफल प्रयास सोची-समझी रणनीति के तहत था। कन्हैयालाल ने बताया कि आपत्तिकर्ता एडवोकेट महेश रघुवंशी पूर्व में कांग्रेस में शामिल थे। लेकिन महेंद्र सिंह सिसौदिया से नजदीकियों के चलते वह बमोरी से अपने लिए कांग्रेस का टिकट मांग रहे थे। इसके लिए महेश रघुवंशी ने भोपाल से लेकर दिल्ली तक नेताओं से संपर्क किया था। इसके प्रमाण उनके पास हैं। इसका उद्देश्य बमोरी विधानसभा सीट से डमी केन्डिडेट खड़ा करना था। ताकि सिसौदिया को वॉकओवर मिल जाता और भाजपा आसानी से जीत जाती। लेकिन कांग्रेस ने जिताऊ प्रत्याशी के रूप में उन्हें चुना और बमौरी से टिकट दिया। इसकी खीझ उतारने के उद्देश्य से महेश रघुवंशी ने एक ऐसी आपत्ति दर्ज कराई, जिसके पीछे कोई तर्क ही नहीं था। रिटर्निंग अधिकारी ने इस आपत्ति को सिरे से खारिज कर दिया। अग्रवाल ने प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया कि साल 2018 में महेंद्र सिंह सिसौदिया ने खुद बमौरी को बम्होरी लिखा और वहां से विधायक बने। अब उसी विधानसभा को प्रदेश के नक्शे से गायब करना चाहते हैं। पत्रकारवार्ता के दौरान अग्रवाल ने भाजपा प्रत्याशी महेंद्र सिंह सिसौदिया पर विकास के अडंगा लगाने वाला नेता बताते हुए कहा कि वर्ष 2013 में ग्राम मारकी महू में दत्याबांध और ग्राम राईबांध का काम रुकवाने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखने वाले महेंद्र सिंह सिसौदिया खुद को विकास कराने वाला नेता बताते है। यह दोनों ही बांध क्षेत्र की जनता के लिए बेहद उपयोगी थे। लेकिन महेंद्र सिंह सिसौदिया ने लगातार अड़ंगा लगाया। कांग्रेस प्रत्याशी ने अपनी पत्रकारवार्ता में ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी निशाना साधते हुए कहाकि उनकी हिम्मत नहीं हो रही है कि वह अकेले गुना जिले में आ आएं। इसलिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ पहुंचे। म्याना में अकेले आए भी तो केवल दो-तीन सौ लोग ही यहां पहुंचे थे। ऐसे में वह खुद को विकास का मसीहा बताते हैं। जबकि असल बात यह है कि पूरे लोकसभा क्षेत्र में कोई भी विधायक निर्माण कार्य की स्वीकृति कराता है तो सिंधिया अपने खाते में जोड़ लेते हैं। अग्रवाल यहीं नहीं रुके और उन्होंने हाल ही में पंचायत मंत्री सिसौदिया द्वारा बमौरी विधानसभा क्षेत्र के लिए स्वीकृत 453 करोड़ की नल-जल योजना को जनता को गुमराह करने वाली योजना बताते हुए कहाकि इतनी कम राशि में 400 गांवों में पानी पहुंचाना संभव नहीं है। अगर ऐसा हो जाए तो उन्हें देश और प्रदेश में इस तकनीक को साझा करना चाहिए पूरे देश पर उनका उपकार होगा। उक्त योजना धरातल पर लागू नहीं की जा सकती। उन्होंने कहाकि सिसौदिया विकास के नाम पर लगातार लोगों को गुमराह कर रहे हैं। पूरे विधानसभा क्षेत्र में जगह-जगह विकास कार्य कराए जाने से संबंधित पत्थर लगवा दिए गए हैं। इन पत्थरों पर न तो योजना का नाम है और न ही विभाग का नाम। जिससे पता चले कि कितने का काम कौन से विभाग द्वारा कराया जाएगा। केवल जनता को भ्रमित करने पत्थर लगवाते जा रहे हैं। हमारे देश में यह मान्यता है कि श्राद्ध पक्ष में कोई भी शुभ कार्य का शुभारंभ नही किया जाता है। उन्होंने जनता को बरगलाने के चक्कर मे हिन्दू धर्म की मान्यता पर ही प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री हुकुमसिंह कराड़ा, जिलाध्यक्ष हरिशंकर विजयवर्गीय, प्रवक्ता शेखर वशिष्ठ, अल्पसंख्यक कांग्रेस अध्यक्ष इकरार बल्ला, म्याना ब्लॉक अध्यक्ष पवन रघुवंशी मौजूद थे।

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