कल मनाई जाएगी धनतेरस, ज्योतिषाचार्यों के अनुसार देखें शुभ मुहूर्त

 

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उज्जैन। (प्रदेश केसरी) इस वर्ष अधिक मास होने के कारण तिथियों के घटने का असर त्योहारों पर भी पड़ रहा है। इस बार दीपावली के पर्व पर भी तिथियों को लेकर असमंजस बना हुआ है।ज्योतिषाचार्य गोविन्द उपाध्याय ( एमपीएसवीवी
उज्जैन ) ने बताया कि दृश्य निर्णय सिंधु एवं निर्णय सागर के पंचांगों के अनुसार धन त्रयोदशी (धनतेरस) शुक्रवार को शाम 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। ज्योतिषाचार्य के अनुसार 5:31 से 5:59 तक पूजन का शुभ मुहूर्त माना गया है। ऐसा बताया गया है कि इस दिन उड़द के पत्तों की साग का भोजन करने से मनुष्य के पाप नष्ट हो जाते हैं।

धनत्रयोदशी से दीपोत्सव पर्व का प्रारंभ 


धनत्रयोदशी (धनतेरस) से दीपोत्सव पर्व का प्रारंभ होता है। दिवाली पूजा हेतु लक्ष्मी-गणेश, खील-बतासे आदि इसी दिन खरीदे जाते हैं। कार, दोपहिया, सोने-चांदी के सिक्के खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन किसी को वस्तु उधार नहीं दी जानी चाहिए। 

  •  धन त्रयोदशी की रात में चौमुखा दीपक जलाने से यमराज प्रसन्न होते हैं, परिवार में किसी की अकाल मृत्यु नहीं होती।
  •  शास्त्रों एवं पुराणों के अनुसार दीपदान करने की अपार महिमा है। इस दिन दीपदान का कार्य अवश्य करना चाहिए।

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