सात साल से पटवारी को नही मिली पगार, कलेक्टर बोले जब पटवारी को मिलने लगेगा वेतन, तभी मैं लूंगा वेतन

नियुक्ति से लेकर अब तक सात साल में नहीं मिला वेतन, लगाई कलेक्टर से गुहार



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ग्वालियर। (प्रदेश केसरी) जिले के हलका क्रं 157 दंगियापुरा ग्वालियर के पटवारी कौशलेंद्र सिंह राणा के साथ एक अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया है। पटवारी कौशलेंद्र सिंह राणा पिछले सात साल से पटवारी के पद पर पदस्थ है पर उन्हें आज तक कोई वेतन प्राप्त नही हुआ है। वेतन न मिलने से परेशान पटवारी ने पूर्व में भी अपनी परेशानी अधिकारियों को बताई लेकिन इनकी पहले कभी सुनवाई ही नहीं हुई। एक बार फिर गुरुवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के सामने पटवारी कौशलेंद्र सिंह राणा यही शिकायत लेकर पहुंचे तो कलेक्टर भी सुनकर दंग रह गए कि कैसे पटवारी को सात साल तक वेतन नहीं मिला और जिन तहसील में उक्त पटवारी पदस्थ रहा वहां के अधिकारियों ने कभी ध्यान ही नही दिया। प्रथम दृष्टया यह एक प्रशासन की घोर लापरवाही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। कलेक्टर ने तत्काल  सबसे पहले रेडक्रॉस से एक लाख रूपए की सहायता राशि इस शर्त पर पटवारी को दिलाई कि वेतन आते ही वह इसे वापस करेंगे। वहीं एसएलआर शिवानी पांडेय को इस पूरे मामले की जांच कर हर तहसील के अधिकारी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। जबकि कलेक्टर ने खुद अब अपना वेतन भी तभी निकालेंगे,जब तक पटवारी का वेतन मिलना शुरु नहीं हो जाता।

2013 में भितरवार में हुई थी पटवारी की नियुक्ति


कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह को पटवारी हलका क्रमांक-157 दंगियापुरा के पटवारी कौशलेन्द्र सिंह राणा द्वारा पिछले सात सालों से वेतन न मिलने का आवेदन देकर वेतन दिलाने की गुहार की गई। इस संबंध में जब जानकारी प्राप्त की गई तो ज्ञात हुआ कि कौशलेन्द्र सिंह राणा पटवारी की नियुक्ति वर्ष 2013 में भितरवार में हुई थी। उसके बाद उसका स्थानांतरण चीनौर में हो गया। उक्त स्थान पर हलका क्रमांक-16 पर पदस्थ रहे। इसके बाद उनका स्थानांतरण हस्तिनापुर के हलका क्रमांक-113 पर हुआ,जहां पर पिछले चार वर्षों से पदस्थ हैं। पटवारी का प्रान नम्बर (परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर ) न बनने के कारण वेतन आहरण नहीं हो पा रहा है। सभी शासकीय कर्मचारियों को ट्रेजरी से वेतन पाने के लिए प्रान नंबर होना अनिवार्य होता है।

भितरवार, चीनौर, हस्तिनापुर के अधिकारियों पर होगी कार्रवाई


कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने पटवारी की पूरी बात सुनने के बाद तत्काल एक लाख रूपए की राशि रेडक्रॉस के माध्यम से प्रदान कराई। यह राशि वेतन आहरण होने के बाद जमा करने की शर्त पर प्रदान की गई है। इसके साथ ही कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जब तक पटवारी का वेतन आहरण न हो जाए तब तक कलेक्टर का वेतन भी आहरित नहीं किया जाए। कलेक्टर ने सम्पूर्ण मामले की विस्तृत जांच करने की जवाबदारी एसएलआर शिवानी पाण्डे को सौंपी है। जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि भितरवार, चीनौर एवं हस्तिनापुर तहसील में वे जवाबदार अधिकारी जिनके कारण वेतन आहरण नहीं किया गया, उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

पटवारी ने दिया धन्यवाद


पटवारी कौशलेन्द्र सिंह राणा को जब एक लाख रूपए की राशि प्रदान की गई तो उन्होंने कलेक्टर के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए वेतन के संबंध में तत्परता से निराकरण करने का अनुरोध भी किया। कलेक्टर द्वारा पटवारी को आश्वस्त किया गया कि उनका वेतन शीघ्र ही उन्हें दिलाया जाएगा। साथ ही लापरवाही बरतने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा।

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