फर्जी डिग्रीधारी बंगाली डॉक्टर चोरी छिपे कर रहे लोगों का इलाज

शासन के निर्देशों का हो रहा उल्लंघन, मामला आरोन विकासखंड के पनवाड़ी हाट का


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गुना। (प्रदेश केसरी) जिले के आरोन विकासखंड से 18 किलोमीटर दूर मुख्य सड़क पनवाड़ी हाट स्थित एक झोलाछाप डॉ. बीके विशवास बंगाली लोगों का चोरी छिपे इलाज करने से बाज नहीं आ रहा है। उक्त फर्जी डिग्रीधारी तकरीबन 22 वर्षों से जमा बैठा है जो लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है। खास बात ये भी है कि उक्त डॉक्टर चांदसी अस्पताल निजी क्लीनिक संचालित करके मौसमी बीमारियों के इलाज से लेकर गंभीर रोगों सहित पशुओं का इलाज बंगाली के द्वारा किया जा रहा है।
दरअसल मामला ये है कि कोरोना संक्रमण के बाद भी ऐसे फर्जी चिकित्सक खुद अपनी जान जोखिम में डालकर पैसों के लालच में लोगों का इलाज कर रहे हैं। जबकि सिविल अस्पताल बीएमओ द्वारा चांदसी अस्पताल बंगाली डॉक्टर के यहां कुछ समय पहले सूचना मिली थी उस दौरान वहां जाकर बीएमओ डॉ. श्रीकृष्ण की टीम ने इन्वेस्टिगेशन किया। इस दौरान भी वहां तमाम मेडिसिंस पाया गया जिसमें  खासकर पशुओं के इलाज के भी इंजेक्शन दवा गोली पाए गए, फिर भी अभी तक उस पर कोई उचित एवं ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सूत्रों ने यह भी बताया कि फर्जी डॉक्टर के पास क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन नही है और ना ही कोई डॉक्टर की डिग्री है। डॉक्टर की डिग्री और गैर प्रशिक्षण के अभाव में मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा हैं। ऐसे में कहीं ना कहीं स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन चुप्पी साधे बैठा हुआ है। जबकि बंगाली डॉक्टर अधिक मात्रा में मेडिसिंस अनूप मेडिकोज केमिस्ट एवं डे्रगिस्ट आरोन से मेडिसिंस स्टॉक में ले जाकर रखता है।

हम पहुंचकर कार्यवाही करेंगे

आरोन विकासखंड के पनवाड़ी हॉट में चांदसी अस्पताल के बारे में आप बता रहे हैं जो फर्जी तथा झोलाछाप है और इतने बरसों से जमा हुआ है। इस मामले की जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है, आपने बताया है तो हम पहुंच कर कार्रवाई करेंगे।
 डॉ. पी. बुनकर सीएमएचओ गुना

फर्जी झोलाछाप को नही दे सकते मेडीसिन

इस संबंध में जिला चिकित्सालय के ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि मेडिसिन का थोक व्यापारी रजिस्टर्ड डॉक्टर को ही थोक में मेडिसिंस उपलब्ध करा सकता है, फर्जी झोलाछाप को नही। अगर ऐसा है तो हम संबंधित पर कार्रवाई करेंगे।
राधेश्याम बट्टी, ड्रग इंस्पेक्टर

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