समर्थन मूल्य पर खरीदी और स्वतंत्र कृषि न्यायालय की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने दिया धरना

विभिन्न राष्ट्रीय एवं स्थानीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन


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गुना। (प्रदेश केसरी) समर्थन मूल्य पर खरीदी, स्वतंत्र कृषि न्यायालय सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं स्थानीय मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने शुक्रवार को नगरपालिका गेट के समक्ष धरना देकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर किसान संघ द्वारा अपनी मांगों को लेकर दो-दो अलग ज्ञापन सौंपा गए। प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में किसान संघ ने कृषि व्यापार अध्यादेश 2020 में सुधार करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि किसान संघ की शुरूआत से ही मांग रही है कि किसानों को उसकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए। इस दृष्टि से समर्थन मूल्य तय हो तथा किसान को अपनी उपज कहीं भी बेचने की स्वतंत्रता हो। ज्ञापन में मांग की गई कि सभी प्रकार की खरीद कम से कम समर्थन मूल्य पर होने का प्रावधान किया जाए। निजी व्यापारियों का राज्य एवं केंद्र सरकार स्तर पर पंजीयन आवश्यक हो। उनकी बैंक सिक्युरिटी हो, जो एक सरकारी पोर्टल के द्वारा सबको उपलब्ध हो। वहीं इससे संबंधित विवाद हो तो उसका समाधान करने हेतु स्वतंत्र कृषि न्यायालय की व्यवस्था जिला स्तर पर की जाए। ज्ञापन में कहा गया कि इन अध्यायदेशों में किसान की परिभाषा में कार्पोरेट कंपनियां भी एक किसान के रूप में आ रही है। उनको भी तर्कसंगत बदला जाए। जो केवल कृषि पर निर्भर हैं वहीं इस परिभाषा में आएं।

ऊमरी वृत के नायब तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग


इस अवसर पर किसान संघ ने स्थानीय समस्याओं को लेकर भी कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसमें मुख्य रूप से ऊमरी वृत के नायब तहसीलदार रमाकांत शर्मा का किसानों के प्रति दुर्व्यवहार की शिकायत करते हुए उन दंडात्मक कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा वर्तमान खरीफ फसल 2020 की राहत राशि, मुआवजा, बीमा राशि तत्काल दिलवाने, जिन किसानों को 2019 खरीफ फसल की बीमा राशि नहीं मिली हैं उनकी जांच कराकर बीमा दिलवाने की मांग की गई। वहीं 2018 की सोयाबीन भावांतर राशि तत्काल किसानों को देने, 2019 का गेहूं बोनस देने, पिछली सरकार द्वारा कर्जमाफी के चक्कर में किसानों के ओवरडयू हो गए हैं उनको डयू किया जाए, वर्तमान खरीफ फसल नष्ट होने पर बैंकों का सभी तरह का वर्तमान कृषि ऋण दीर्घकालीन ऋण में परिवर्तित किए जाने की मांग की गई।

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