कांग्रेस ने रैली निकलकर सौंपा ज्ञापन, हाट रोड पर आयोजित हुई सभा


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गुना। (प्रदेश केसरी) किसान आंदोलन के समर्थन बुधवार को कांग्रेस की विशाल रैली निकली। इस मौके पर हाट रोड पर बड़ी आमसभा को आयोजन किया गया, तत्पश्चात एक ज्ञापन रैली ने कलेक्टोरेट पहुंचकर सौंपा। जिसमें काले कृषि कानूनों को तत्काल वापस लेने की मांग की। इसके पूर्व चांचौड़ा विधायक लक्ष्मण सिंह एवं राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में ट्रेक्टर  और अन्य चार पहिया वाहनों के साथ काफिला गुना पहुंचा। इस दौरान एबी रोड पर कांग्रेस का काफिला आकर्षण का केंद्र रहा। यह काफिला जैसे ही जयस्तंभ चौराहे पर पहुंचा। यहां से एक विशाल रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए हाट रोड पहुंची। यहां विधायकद्वय लक्ष्मण सिंह एवं जयवर्धन सहित अन्य कांग्रेस वक्ताओं ने जमकर मोदी और शिवराज सरकार के साथ सिंधिया और उनके समर्थकों पर निशाना साधा। इस मौके पर विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा कि यह आयोजन हमने नहीं किया है हमने तो पार्टी के आदेशों का पालन किया है। यह आंदोलन तो किसानों का है। इस विशाल धरने को रोकने के लिए पुलिस के माध्यम से भी रूकवटे डाली गई। मैं नमन करता हूं इन लाखों किसानों को जो कड़ाके की सर्दी में वहां डटे हुए हैं। श्री सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को किसानों की लड़ाई तो लडऩी ही है साथ ही इस देश में फैलाई जा रहे संप्रदायिक जहर के खिलाफ भी लडऩा है। श्री सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी जैसे संत की जिस गोड़से ने हत्या की थी उसका समर्थन भाजपा करती है। आपने (भाजपा) ऐसी महिला को चुनाव लड़वाया जो गोड़से का समर्थन करती है। श्री सिंह ने कहा कि भाजपा छल कपट करके पैसों के दम पर भले ही जीत जाती हो, लेकिन भाजपा यह न भूले वो 1980 में बनी है, लेकिन यह कांग्रेस पार्टी सौ साल से पुरानी है। जिसने आजादी की लड़ाई लड़ी। श्री सिंह ने हुंकार भारते हुए कहा कि भाजपा वालों तुम कांग्रेस से अपनी तुलना नहीं करना। हमारा एक छोटा सा कार्यकर्ता भी पीएम मोदी से बड़ा दर्जा रखता है।

यह आंदोलन राजा - महाराजा का नहीं किसान का है - जयवर्धन सिंह



इस अवसर पर राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि यह आंदोलन कोई राजा महाराजा का नहीं है यह आंदोलन अन्नदाता का है। उन्होंने कहा कि मोदी के पीछे और कांग्रेस के पीछे अलग-अलग ताकतें हैं। मोदी के पीछे बडे उद्योगपति खड़े है कांग्रेस के पीछे अन्नदाता खड़ा है। यह षडयंत्र सात साल पहले शुरू हुआ था। जिसकी शुरूआत नोटबंदी के साथ हुई थी। तब कहा गया था कि भ्रष्टाचार खत्म कर रहे हैं लेकिन भ्रष्टाचार खत्म तो नहीं हुआ लेकिन बढ़ गया है। नोटबंदी में जो नगदी जमा हुआ, उस हजारों करोड़ों रुपए का लोन विजय माल्या, नीरव मोदी जैसे लोगों को दिया जो लोन खाकर विदेश भाग गए। श्री सिंह ने कहा कि किसानों को दस हजार का लोन भी लेना है तो कई बार बैंक के चक्कर काटना पड़ता है। नोटबंदी के बाद बड़ी बड़ी उपक्रमों का निजीकरण किया गया। श्री सिंह ने कहा कि आज सोयाबीन 40-50 रुपए किलो बिक रहा है दस साल पहले भी इसी भाव में बिकता था। लेकिन तब सोयाबीन का तेल 50-60 रुपए किलो था लेकिन आज 120 रुपए से अधिक है। क्योकि तेल के सबसे अधिक उत्पादक मोदी जी के परम मित्र अड़ानी हैं। यह सब उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में दिल्ली में धरना दे रहे किसान साथियों की दिवंगत आत्माओं के लिए सभी ने खड़े होकर श्रद्धाजंलि अर्पित की गई। कार्यक्रम को कांग्रेस अध्यक्ष मान सिंह परसौदा, राजगढ़ जिला कांग्रेस अध्यक्ष, बमोरी विधान सभा प्रत्याशी के एल अग्रवाल, सुमेर सिंह गढ़ा, बल्लू चौहान, विश्वनाथ तिवारी, रजनीश शर्मा, हनुमंत सिह दावत पूरा, राधेंश्याम मीना, प्रशांत मोड़का, प्रदेशमहिला सचिव रूप किरण कौर, राजकुमारी गुर्जर, आदि ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन जिला कांग्रेस प्रवक्ता शेख़र वशिष्ठ ने किया। अंत में रैली के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर महामाहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

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