जब तक तीनों काले कानून वापस नहीं होंगे, आंदोलन तेज होगा

किसान आंदोलन के समर्थन में हनुमान चौराहे पर दिया धरना



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गुना। (प्रदेश केसरी) कृषि विरोधी तीन काले कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन के समर्थन में सोमवार को हनुमान चौराहा पर आल इंडिया किसान खेत-मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं, किसानों द्वारा धरना दिया गया। धरने की शुरुआत जनगीत के साथ हुआ। इस मौके पर संगठन के मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि बड़ी हैरत की बात है किसान वर्षों से अपनी उपज का डेढ़ गुना दाम मिलने की मांग कर रहे थे और सरकार उनकी खेती में देशी विदेशी कम्पनियों के दखल की मंजूरी दे रही है। खाद्यान्न में जमाखोरी की छूट देने से किसान का नहीं बल्कि कम्पनियों का फायदा होगा। कालाबाजारी बढ़ेगी और पहले से ही भंयकर मंहगाई से जूझ रही आम जनता का जीवन और भी कठिन हो जायेगा। अनुबंध खेती के दुष्परिणाम आने लगे हैं। मप्र में विभिन्न जिलों में कम्पनियां किसानों से सीधा खरीद का वायदा करके फरार हो चुकी हैं। वहीं प्रायवेट मंडी के तहत किसानों से बड़े पैमाने पर मंडियों के बाहर खरीद करके व्यापारी भाग चुके हैं। ऐसे केस हमारे गुना में भी हुए हैं। जब तक सरकार ये तीनों काले कानून वापस नही लेती देशभर में आंदोलन तेज होगा। धरने को संबोधित करते हुए प्रीति पटवर्धन ने कहा कि किसानों की मांग थी की स्वामीनाथन आयोग की की सिफारिशों को लागू करें व न्युनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी रुप दे। किसानों को कर्जमुक्ति करें मगर किसान हितैषी का दम भरने वाली भाजपा सरकार ने किसानों की मांगों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है। धरने को नीलेश बैरागी, विकास बंसल, उम्मेदसिंह, महेंद्र नायक, सुनील सेन, राजुल श्रीवास्तव सुरेंद्र कुमार आदि ने भी सम्बोधित किया। धरने का  संचालन नारायणसिंह ने किया।

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