"उड़ान अभियान" के अंतर्गत प्रतियोगी की परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग ले रही सहरिया बालिकाओं के बीच पहुंचे कलेक्टर

  • आत्मविश्वास और जज्बे में नहीं रखे कमी- कलेक्टर
  • 6 अप्रैल को पुलिस भर्ती परीक्षा में होंगी शामिल



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गुना। (प्रदेश केसरी) विशेष पिछड़ी जनजाति सहरिया आदिवासियों की 26 बेटियां जिला प्रशासन की पहल उड़ान के अंतर्गत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु नि:शुल्क कोचिंग स्वरोजगार एवं प्रशिक्षण संस्थान गुना में ले रही हैं। उक्त बेटियों से अपने वादे के मुताबिक 45 दिन बाद दोबारा मिलने  कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम उनके बीच पहुंचे। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, भोजन, आवासीय व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था तथा उनकी समस्याएं पूछी और सामान्य ज्ञान परखा। जिसका सही-सही जवाब एक सुर में सभी प्रशिक्षणार्थियों ने दिया। 
सहरिया बालिकाओं से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण ले रही सभी बालिकाएं अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने सभी का हौसला बढ़ाया और प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी पूरी क्षमता से हवाई जहाज की तरह रनवे पर दौड़े तथा प्रतियोगी परीक्षा में सफलता की उड़ान भरे और जिला प्रशासन के प्रयासों को सार्थक परिणाम दें। उन्होंने बेटियों को सफलता के गुर बताये और कहा कि वे अपनी प्रतिभा पहचाने, लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें और सफल होकर माता-पिता परिजनों तथा जिले का मान बढ़ाएं।
उन्होंने कहा कि नि:शुल्क कोचिंग प्राप्त कर रही बेटियों को पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल कराने और सफल कराने का उद्देश्य बेटियों को सक्षम और सशक्त बनाना है। ताकि वे आर्थिक और सामाजिक रूप से सक्षम होकर अपने भाई-बहन और परिवार को भी सहारा बनकर सक्षम बनाए। समाज में उनका मान-सम्मान और बढ़े।
इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों से कहा कि सबसे कमजोर और पिछड़े समाज के उत्थान के लिए यह उनकी सेवा नहीं अपितु पुण्य का कार्य के लिए किए गए यज्ञ जैसा है। इस यज्ञ में दी गई आहुति से 26 परिवारों को संबल मिलेगा और वह आर्थिक और रूप से सशक्त होंगे। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रशिक्षणार्थियों की परीक्षा की तरह रोजाना रियल टाइम टेस्ट लें और कमियों का विश्लेषण कर उसे दूर करायें। इसके साथ ही उन्होंने नि:शुल्क कोचिंग प्राप्त कर रही बालिकाओं की इच्छा अनुसार प्रशिक्षण का सत्र एक माह और बढ़ाने के निर्देश अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुना बमोरी सुश्री अंकिता जैन एवं जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण श्री राजेंद्र जाटव को दिए तथा कोचिंग प्राप्‍त कर रहीं बालिकाओं को प्रशिक्षण प्राप्‍त करने संबंधित प्रमाण-पत्रों का भी वितरण किया।
उल्‍लेखनीय है कि विशेष पिछड़ी जनजाति सहरिया आदिवासियों की 26 बेटियां उड़ान भरने की तैयारियां कर रही हैं। इनका संबल बना है जिला प्रशासन। गरीब और विकास की मुख्‍य धारा जुड़ने में पीछे छूट रही सहरिया आदिवासियों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्‍थान के लिए जिला प्रशासन कलेक्‍टर श्री कुमार पुरूषोत्‍तम के मार्गदर्शन में 12वीं और उससे ऊपर की शिक्षित सहरिया समाज की बेटियों को शासकीय सेवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल कराने के उद्देश्‍य से ''उड़ान'' अभियान प्रारंभ किया गया है। अभियान अंतर्गत पचौरा, रवी, भीमरामपुर, नर्मदा, लोडेरा, कुशेपुर, भिंडरा, उत्‍नागर, मंगरोड़ा, सामरसिंगा, आनापुर, लालोनी, बमोरी और चितोड़ा ग्राम की सहरिया बस्‍ती (सहराना) की उक्‍त 26 बेटियां ग्रामीण स्‍वरोजगार प्रशिक्षण संस्‍थान से ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्‍यम से प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। ताकि वे पंख फैलाएं और मुक्‍त आकाश में उड़ान भरकर अपना, अपने परिवार एवं अपने समाज को और बेहतर तरीके से संवारें।
इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व बमौरी सुश्री अंकिता जैन, संयोजक आदिम जाति कल्‍याण विभाग  राजेन्‍द्र जाटव, महिला एवं बाल विकास अधिकारी  डी.एस.जादौन सहित प्रशिक्षणार्थी सहरिया बालिकाएं एवं शिक्षकगण मौजूद रहे।

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