नहीं रहे कलम के सिपाही शिवदान सिकरवार

वरिष्ठ पत्रकार शिवदान सिकरवार कोरोना से हारे जंग



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गुना। (प्रदेश केसरी) दिनभर की जद्दोजहद के बाद शाम होते ही शनिवार को जिले की पत्रकारिता में अपना जलबा बिखरने वाले कलम के सिपाही शिवदान सिकरवार कोरोना से जंग हार गए। उनके निधन से पत्रकार जगत के साथ-साथ उनके परिवार में अपूरणीय क्षति हुई है। जैसे ही उनके अलविदा होने की खबर आम हुई तो पत्रकार जगत में शोक की लहर आग की तरह फैल गई। वे इस दुनिया में नहीं रहे लोग यह अहसास नहीं कर पा रहे थे।  
श्री सिकरवार के निधन पर पत्रकारों ने अपनी-अपनी गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। वहीं पत्रकार जगत सहित नेताओं, अधिकारियों और जिले की जनता ने उन्हें व्हाट्सअप, फेसबुक आदि तमाम सोशल साइटों के माध्यम से आश्रूपूरित विनम्र श्रद्धांजलि दी। वरिष्ठ पत्रकार शिवदान सिकरवार एक विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। वह बड़े ही निष्पक्ष और निर्भीक होकर तजुर्बेदार जिले की पत्रकारिता करते थे। वह सभी पत्रकारों में रम जाने वाले व्यक्ति थे और हर किसी के सुख-दुख में सबसे आगे दिखाई देते थे। श्री सिकरवार हमेशा सभी को बड़े भाई की तरह मार्गदर्शन किया करते थे और हर किसी पत्रकार के साथ बैठकर स्नेह से पत्रकारिता की बारीकियों से रूबरू कराते रहे। आज की कोरोना जैसी महामारी की विपरीत परिस्थतियों ने उन्हें घेर लिया। इसके चलते वह कोरोना से लड़ते-लड़ते जंग हार गए और इस संसार से अलविदा हो गए। उनके निधन से पत्रकार जगत के साथ-साथ उनके परिवार को काफी क्षति हुई है, यह कभी भरने वाली नही है। पत्रकार श्री सिकरवार आंचलिक पत्रकार संघ, श्रमजीवी पत्रकार संघ, नेशनल मीडिया फाऊंडेशन नई दिल्ली आदि संगठनों के जिलाध्यक्ष रहे। उन्होंने इन संगठनों के माध्यम से दशकों तक पत्रकारों को एक सूत्र में पिरोए रखा। वह हमेशा एकजुटता की बात कहने के साथ मार्गदर्शन देने वाले कलम के सच्चे सिपाही थे। उनकी पत्रकारिता की धार अपना जलवा बिखेरती रही है, लेकिन पत्रकारिता जगत में उनकी लेखनी हमेशा उन्हें जीवित रखने के साथ याद दिलाती रहेगी।

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